वाराणसी
बाबा का श्रृंगार, फिर बंटा खीर का फलाहार
18 साल से कायम है सेवा की परंपरा, सावन के अंतिम रविवार को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
वाराणसी। शिव की नगरी काशी में सावन माह के अंतिम रविवार को कांवरियों और शिवभक्तों की सेवा का अनूठा नजारा देखने को मिला। बाबा नरवा वीर प्रबंध समिति के तत्वावधान में बुलानाला टाउनहॉल सब स्टेशन के नीचे रात्रि 9 बजे से रात्रिपर्यंत फलाहार खीर का वितरण किया गया।
2000 लीटर दूध से तैयार हुई खीर
समिति की ओर से पिछले 18 वर्षों से लगातार खीर वितरण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष करीब 2000 लीटर यानी 20 कुंतल दूध से फलाहार खीर तैयार की गई, जिसे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और कांवरियों के बीच प्रसाद के रूप में वितरित किया गया।
बाबा नरवा वीर समेत देवी-देवताओं का हुआ श्रृंगार
खीर वितरण कार्यक्रम से पहले श्रीश्री 1008 बाबा नरवा वीर, मां दुर्गा, मां शीतला एवं बजरंगबली का श्रावणी श्रृंगार किया गया। इसके बाद खीर का भोग लगाकर मंदिर के पुजारी ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कराया और प्रसाद वितरण का शुभारंभ किया।
डाक बम और कांवरियों ने ग्रहण किया प्रसाद
कार्यक्रम में डाक बम, बोल बम, कांवरियों के साथ ही राहगीरों ने भी फलाहार खीर का प्रसाद ग्रहण किया। खीर का प्रसाद पाने के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कई श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करने के बाद दोबारा कतार में लगकर खीर का आनंद लेते नजर आए।
18 वर्षों से निरंतर चल रहा सेवा का आयोजन
कार्यक्रम संयोजक गणेशु यादव ने बताया कि सावन माह में काशी में आयोजित होने वाले खीर वितरण कार्यक्रमों में बाबा नरवा वीर प्रबंध समिति का यह आयोजन पिछले 18 वर्षों से लगातार चला आ रहा है। इस सेवा कार्य में समिति के सदस्यों के साथ क्षेत्रीय नागरिक भी बढ़-चढ़कर सहयोग करते हैं।
सेवा कर स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं समिति सदस्य
गणेशु यादव ने कहा कि शिवभक्तों और कांवरियों को फलाहार खीर का प्रसाद वितरित कर समिति के सदस्य स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस करते हैं। सावन के पावन माह में यह सेवा कार्य श्रद्धालुओं के बीच आपसी सहयोग और धार्मिक आस्था का संदेश भी देता है।
अंतिम सोमवार को लेकर साफ-सफाई पर विशेष ध्यान
सावन के अंतिम सोमवार को व्रती श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए समिति के सदस्यों ने साफ-सफाई की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया। फलाहार खीर का प्रसाद ग्रहण करने के बाद शिवभक्तों ने समिति के इस सेवा कार्य के लिए आभार जताया और बोल बम के जयकारे लगाते हुए बाबा के दरबार में शीश नवाने के लिए आगे बढ़ते रहे।
