गाजीपुर
गंगा के कटान और भांगड़ा नाले के बढ़ते पानी से ग्रामीणों की बढ़ी चिंता
शेरपुर के मुवारकपुर से गहमर घाट तक एक किलोमीटर क्षेत्र में जारी है कटान
भांवरकोल (गाजीपुर), 23 अगस्त। गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही तटीय क्षेत्रों में कटान का खतरा बढ़ गया है। शेरपुर के मुवारकपुर से गहमर घाट तक करीब एक किलोमीटर क्षेत्र में गंगा कटान कर रही है। वहीं वीरपुर की ओर से निकले भांगड़ा नाले का पानी बढ़ने से धर्मपुरा और फिरोजपुर गांव पानी से घिर गए हैं।
करीब साढ़े तीन हजार की आबादी प्रभावित
धर्मपुरा की आबादी करीब डेढ़ हजार तथा फिरोजपुर की आबादी दो हजार से अधिक बताई जा रही है। दोनों गांवों के लोग वर्तमान में धर्मपुरा पुलिया के रास्ते आवागमन कर रहे हैं। ग्रामीणों की चिंता है कि यदि पानी का स्तर और बढ़ा तो आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो सकता है।
पुलिया पर पानी चढ़ने पर लगाई जाती है नाव
गांव के संभ्रांत नागरिक एवं अधिवक्ता कौशल राय और कृष्णानंद उपाध्याय ने बताया कि गंगा का बढ़ाव लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि पुलिया के ऊपर पानी बहने की स्थिति में प्रशासन की ओर से यहां नाव की व्यवस्था की जाती है।
कठार और आमघाट की ओर बढ़ रहा नाले का पानी
ग्रामीणों के अनुसार भांगड़ा नाले का पानी धर्मपुरा से होते हुए कठार, आमघाट, महेशपुर द्वितीय और नकटीकोल मौजे की ओर लगातार फैल रहा है। पानी का बढ़ता दायरा आसपास के गांवों के लिए भी चिंता का कारण बन गया है।
चरी, बाजरा और ज्वार की फसलों को नुकसान
भांगड़ा नाले के बढ़ते पानी से किसानों की फसलें प्रभावित होने लगी हैं। चरी, बाजरा और ज्वार जैसी फसलों को नुकसान पहुंच रहा है, जिससे किसान चिंतित हैं।
मिर्च और टमाटर की फसल पर भी मंडरा रहा खतरा
क्षेत्र के किसानों ने काफी लागत लगाकर मिर्च और टमाटर की रोपाई की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बाढ़ की स्थिति बनी तो इन फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। गंगा और भांगड़ा नाले के बढ़ते पानी को देखते हुए किसानों और ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
