गाजीपुर
शारदा सहायक नहर में पानी न छोड़े जाने से किसानों में आक्रोश
पांच दर्जन गांवों के किसानों की धान रोपाई प्रभावित
समय पर पानी न मिलने से बढ़ी किसानों की परेशानी
बहरियाबाद (गाजीपुर)। आजमगढ़ से निकलकर परमानपुर, गदाईपुर, पलिवार, रायपुर बघांव, सलेमपुर बघांई और मीरपुर ओड़ासन होते हुए बेसो नदी में मिलने वाली शारदा सहायक नहर, जिसे क्षेत्र में राजबाहा ठेकमा के नाम से भी जाना जाता है, इस वर्ष किसानों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। नहर में समय से पानी नहीं छोड़े जाने और सफाई कार्य अधूरा रहने से करीब पांच दर्जन गांवों के किसान धान की रोपाई को लेकर चिंतित हैं।
अक्सर फसल बुवाई के बाद छोड़ा जाता है पानी
किसानों का आरोप है कि नहर में पानी अक्सर उस समय छोड़ा जाता है, जब गेहूं की फसल की बुवाई पूरी हो चुकी होती है। इससे किसानों को समय पर सिंचाई का लाभ नहीं मिल पाता। ग्रामीणों का कहना है कि नहर में पानी छोड़ने की व्यवस्था फसलों की जरूरत के अनुसार समय पर की जानी चाहिए।
सफाई के नाम पर सिर्फ घास-फूस हटाने का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार ठंड के मौसम में नवंबर-दिसंबर के बाद नहर की सफाई के नाम पर केवल घास-फूस हटाने का काम किया जाता है। आरोप है कि जेसीबी मशीन का उपयोग तो किया जाता है, लेकिन नहर की वास्तविक क्षमता के अनुसार समुचित सफाई और फिनिशिंग नहीं हो पाती।
सफाई अधूरी होने से आगे तक नहीं पहुंच रहा पानी
किसानों का कहना है कि नहर विभाग पानी छोड़ने को तैयार है, लेकिन पर्याप्त सफाई नहीं होने के कारण पानी आगे तक नहीं पहुंच पा रहा है। इससे रायपुर समेत आसपास के दर्जनों गांवों के किसान धान की रोपाई के लिए नहर के पानी का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
सरकारी धन के खर्च की जांच की मांग
ग्रामीणों ने नहर सफाई के नाम पर खर्च किए जा रहे सरकारी धन की जांच कराने की मांग की है। किसानों का आरोप है कि ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से सफाई कार्य में अनियमितता की जा रही है और सरकारी धन का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है।
डीएम से तत्काल कार्रवाई की मांग
किसानों ने जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला से मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। ग्रामीणों ने नहर की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कराने, अधूरी सफाई पूरी कराने और किसानों तक जल्द पानी पहुंचाने की मांग उठाई है।
लापरवाह अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग
किसानों का कहना है कि समय रहते नहर की सफाई और पानी की व्यवस्था कर दी जाए तो हजारों किसानों को राहत मिल सकती है। ग्रामीणों ने सफाई कार्य में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की जांच कर दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की भी मांग की है।
