गाजीपुर
गोमती का बढ़ता जलस्तर बना चिंता का कारण, तटवर्ती गांवों में बाढ़ की आशंका
निचले इलाकों में मंडराया जलभराव का खतरा, किसानों को फसल और पशुओं के चारे की चिंता
ग्रामीणों ने प्रशासन से जलस्तर की निगरानी और समय रहते राहत तैयारियां पूरी करने की मांग की
सिधौना (गाजीपुर)। गोमती नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से तटवर्ती गांवों के ग्रामीणों और किसानों की चिंता बढ़ गई है। नदी का पानी बढ़ने से निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीण लगातार नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं और प्रशासन से सतर्कता बरतने की मांग कर रहे हैं।
कई गांवों के निचले हिस्से प्रभावित होने की आशंका
गोमती नदी के किनारे बसे गौरी, तेतारपुर, गौरहट, नेवादा, भुजाड़ी, बहुरा, हथौड़ा, खरौना, पटना, सिधौना और सूर्यभानचक सहित कई गांवों के निचले हिस्सों में पानी पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर में वृद्धि इसी तरह जारी रही तो खेतों के साथ निचले आबादी वाले क्षेत्रों में भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
फसलों और पशुओं के चारे को लेकर बढ़ी चिंता
जलस्तर बढ़ने से सबसे अधिक चिंता किसानों को खेतों में खड़ी फसलों को लेकर है। संभावित बाढ़ और जलभराव से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। वहीं पशुपालकों के सामने पशुओं के चारे की समस्या भी खड़ी हो सकती है।
ग्रामीणों ने सुझाव दिया कि संभावित बाढ़ की स्थिति से पहले ही भूसा, हरा चारा और पशु आहार की पर्याप्त व्यवस्था कर ली जाए, ताकि जलभराव होने की स्थिति में पशुपालकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
ग्रामीणों ने प्रशासन से की सतर्कता बढ़ाने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से गोमती नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी कराने तथा संवेदनशील गांवों में आवश्यक तैयारियां पहले से पूरी रखने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते प्रशासनिक स्तर पर इंतजाम किए जाने से संभावित बाढ़ के दौरान ग्रामीणों, किसानों और पशुपालकों को होने वाली परेशानियों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
