गाजीपुर
डेंगू-मलेरिया से बचाव को स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सीएचसी में बना विशेष वार्ड
संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत उपचार और जांच की पूरी तैयारी
लोगों से जलभराव रोकने, मच्छरदानी के उपयोग और लक्षण दिखने पर तत्काल जांच कराने की अपील
(स्थान)। बरसात के मौसम में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया सहित अन्य संचारी रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। प्रदेश सरकार के निर्देश पर संचालित संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में डेंगू के संभावित मरीजों के उपचार के लिए विशेष वार्ड तैयार किया गया है। वार्ड में प्रत्येक बेड पर मच्छरदानी की व्यवस्था के साथ साफ-सफाई, नियमित निगरानी और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
जांच और उपचार की पूरी व्यवस्था
सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशीष कुमार राय ने बताया कि बरसात के मौसम में मच्छरों के प्रजनन की संभावना बढ़ने से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए अस्पताल में जांच और उपचार की सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि संदिग्ध मरीजों को तत्काल जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
बचाव ही सबसे प्रभावी उपाय
डॉ. राय ने लोगों से घरों और आसपास पानी जमा न होने देने की अपील करते हुए कहा कि कूलर, टायर, गमले तथा अन्य पात्रों में रुका पानी नियमित रूप से खाली करें। साथ ही पूरी बांह के कपड़े पहनें, मच्छरदानी का प्रयोग करें तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
गांव-शहर में चल रहा जागरूकता अभियान
स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों और शहरी क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान चला रही हैं। लोगों को स्वच्छता बनाए रखने, जलभराव रोकने तथा बीमारी के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक संजीव कुमार ने बताया कि तेज बुखार आने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तत्काल सरकारी अस्पताल या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर रक्त जांच करानी चाहिए। उन्होंने बताया कि डेंगू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर व जोड़ों में दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते, कमजोरी और उल्टी शामिल हैं, जबकि मलेरिया में तेज बुखार, ठंड लगना, कंपकंपी, अत्यधिक पसीना, सिरदर्द, उल्टी और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
