गोरखपुर
एमएमएमयूटी के सात शिक्षकों को मिलेगा ‘अकादमिक उत्कृष्टता पुरस्कार–2026’
11वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी सम्मानित
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के 11वें दीक्षांत समारोह में शिक्षण, अनुसंधान, शैक्षणिक नेतृत्व और संस्थागत विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सात शिक्षकों को ‘अकादमिक उत्कृष्टता पुरस्कार–2026’ से सम्मानित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल पुरस्कार विजेताओं को प्रशस्ति-पत्र (साइटेशन) एवं प्रमाण-पत्र प्रदान करेंगी।
पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों में प्रो. वी. के. मिश्रा (गणित एवं वैज्ञानिक संगणना विभाग), प्रो. प्रभाकर तिवारी (विद्युत अभियंत्रण विभाग), डॉ. पल्लव गुप्ता एवं डॉ. वीरेन्द्र कुमार (यांत्रिक अभियंत्रण विभाग), डॉ. शैलेन्द्र प्रताप सिंह (कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग), डॉ. हरीश चन्द्र (गणित एवं वैज्ञानिक संगणना विभाग) तथा डॉ. रवि शंकर (रासायनिक अभियंत्रण विभाग) शामिल हैं।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने सभी चयनित शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान उच्च शिक्षा के मूल्यों, नवाचार और उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्यों के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पुरस्कार शिक्षकों और शोधार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, शोध-उन्मुख तथा सामाजिक रूप से उत्तरदायी शैक्षणिक वातावरण के निर्माण के लिए प्रेरित करेगा।
विश्वविद्यालय के अनुसार, ‘अकादमिक उत्कृष्टता पुरस्कार’ का उद्देश्य शिक्षकों के बहुआयामी शैक्षणिक योगदान को सम्मानित करना है। इसके लिए चयन पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट आधारित प्रक्रिया से किया जाता है, जिसमें अनुसंधान, संस्थागत विकास, प्रशासनिक दायित्वों और सामाजिक सहभागिता जैसे विभिन्न मानकों का समग्र मूल्यांकन किया जाता है।
मूल्यांकन में उच्च गुणवत्ता वाले शोध-पत्र, पेटेंट, पुस्तकें, बाह्य वित्तपोषित अनुसंधान परियोजनाएं, शोध निर्देशन, विश्वविद्यालय प्रशासन में योगदान, सम्मेलन एवं कार्यशालाओं का आयोजन, प्रयोगशालाओं की स्थापना, जनजागरूकता कार्यक्रम, पेशेवर संस्थाओं में सहभागिता और संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) से जुड़े कार्यों को भी शामिल किया जाता है।
विश्वविद्यालय का मानना है कि यह सम्मान उत्कृष्ट शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ युवा शिक्षकों और शोधार्थियों को ज्ञान सृजन, तकनीकी नवाचार और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करेगा। पुरस्कारों का वितरण एमएमएमयूटी के 11वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के करकमलों से किया जाएगा।
