मिर्ज़ापुर
मुख्यमंत्री के दौरे से पहले करणी सेना जिलाध्यक्ष को घर में रोके जाने का आरोप
भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं पर ज्ञापन देने जा रहे थे कार्यकर्ता, प्रशासन ने आवास पर ही लिया मांगपत्र; जिला प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं
मीरजापुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनपद भ्रमण के दौरान करणी सेना के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार ने आरोप लगाया कि उन्हें और उनके साथियों को मुख्यमंत्री से मिलने तथा भ्रष्टाचार एवं जनसमस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपने से रोक दिया गया। संगठन का दावा है कि पुलिस और प्रशासन ने उन्हें उनके आवास पर ही रोककर (हाउस अरेस्ट किए जाने का आरोप) मांगपत्र प्राप्त कर लिया।
दिलीप सिंह गहरवार के अनुसार, उन्होंने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री से मुलाकात कर जिले की जर्जर सड़कों, जलभराव, नटवा ओवरब्रिज के नीचे जलनिकासी की समस्या तथा स्वास्थ्य विभाग में कथित ₹6.82 करोड़ के भ्रष्टाचार समेत विभिन्न मुद्दों पर ज्ञापन सौंपने की योजना बनाई थी।
उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान प्रशासन ने किसी भी समाजसेवी, पत्रकार या अन्य व्यक्ति को मुख्यमंत्री तक अपनी शिकायत पहुंचाने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के विपरीत बताते हुए कहा कि जनता को अपनी समस्याएं शासन तक पहुंचाने का अवसर मिलना चाहिए।
करणी सेना का यह भी दावा है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने चंदईपुर स्थित उनके आवास पर पहुंचकर मांगपत्र प्राप्त किया और मुख्यमंत्री के दौरे की समाप्ति तक उन्हें वहीं रहने के लिए कहा।
मौके पर करणी सेना के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
