वाराणसी
मीट-मछली कारोबार पर रोक के विरोध में नगर निगम पहुंचा प्रतिनिधिमंडल
कांग्रेस पार्षद दल समेत कई संगठनों ने नगर आयुक्त को सौंपा ज्ञापन
रोजगार और भोजन की स्वतंत्रता से जुड़े अधिकारों का उठाया मुद्दा, नगर आयुक्त बोले- वैध कारोबार के खिलाफ नहीं है निगम
वाराणसी।
नगर निगम द्वारा शहर में मीट, मांस और मछली के कारोबार को लेकर प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस पार्षद दल के नेतृत्व में विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने इस निर्णय को हजारों परिवारों की आजीविका और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए प्रस्ताव वापस लेने की मांग की।
आजीविका और संवैधानिक अधिकारों का उठाया मुद्दा
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मीट, मांस और मछली के व्यापार से जुड़े हजारों परिवारों की रोजी-रोटी इस व्यवसाय पर निर्भर है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक कमियों का खामियाजा गरीब व्यापारियों को नहीं भुगतना चाहिए।
ज्ञापन में कहा गया कि यदि लाइसेंसधारी दुकानों से कोई समस्या नहीं है तो बिना लाइसेंस वाले व्यापारियों के मामले में भी समाधान लाइसेंस और पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाकर किया जाना चाहिए, न कि उन्हें कारोबार से बाहर कर।
पंजीकरण अभियान चलाने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि मछली, मीट और मांस विक्रेताओं को शहर से बाहर करने का प्रस्ताव तत्काल वापस लिया जाए। साथ ही सभी पात्र व्यापारियों का विशेष अभियान चलाकर पंजीकरण एवं लाइसेंस जारी किया जाए, ताकि किसी गरीब परिवार की आजीविका प्रभावित न हो।
प्रतिनिधियों ने कहा कि वाराणसी विविध संस्कृतियों और सह-अस्तित्व की नगरी है तथा किसी भी समुदाय या व्यवसाय के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।
नगर आयुक्त का पक्ष
प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के दौरान नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि नगर निगम मीट, मुर्गा और मछली के वैध तरीके से कारोबार करने वाले व्यापारियों के खिलाफ नहीं है।
ये रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने वालों में राघवेंद्र चौबे, संजीव सिंह, अब्दुला खान, कुसुम वर्मा, धनंजय, गुलशन अली, मनीष शर्मा, रोजा मैथ्यूज, रमज़ान अली, सुमित सोनकर, सनी सोनकर, ओकास अंसारी, प्रदीप राजभर और तुफैल अंसारी सहित अन्य लोग शामिल रहे।
