गाजीपुर
तहसीलदार पर भ्रष्टाचार के आरोप, अधिवक्ताओं ने की नारेबाजी; तीन दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो होगा प्रदर्शन
मोहम्मदाबाद (गाजीपुर)। तहसीलदार महेंद्र बहादुर पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए सेंट्रल बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को तहसील परिसर में जमकर नारेबाजी की। इसके बाद अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी डॉ. हर्षिता तिवारी से मुलाकात कर शिकायत पत्र और कथित अनियमितताओं से संबंधित पत्रावलियों की सूची सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।
बार एसोसिएशन के संयोजक आलोक कुमार राय ने आरोप लगाया कि तहसीलदार अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर आदेश पारित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई मामलों में उत्तराधिकार के निर्धारित क्रम की अनदेखी की गई, सिविल न्यायालय के आदेशों और पंजीकृत वसीयतनामों को नजरअंदाज किया गया तथा एकपक्षीय मामलों में दोनों पक्षों की उपस्थिति दर्शाकर नामांतरण आदेश पारित किए गए।
अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि रजिस्ट्री कार्यालय से प्राप्त दस्तावेजों में कथित छेड़छाड़ कर नामांतरण किए गए हैं तथा नोटरी विक्रय पत्र के आधार पर भी नामांतरण आदेश पारित किए जाने की शिकायतें मिली हैं। इन मामलों की जांच के लिए उपजिलाधिकारी को विस्तृत सूची सौंपी गई है।
बार एसोसिएशन ने तहसीलदार के स्थानांतरण और उनके विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग करते हुए तहसीलदार न्यायालय के अनिश्चितकालीन बहिष्कार की घोषणा की है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों के भीतर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो सोमवार को उपजिलाधिकारी कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
हालांकि, इस मामले में तहसीलदार महेंद्र बहादुर का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
