वाराणसी
3.26 करोड़ से संवरेंगी वाराणसी के 15 वार्डों की 62 सड़कें
इंटरलॉकिंग, सीसी रोड और ड्रेनेज कार्यों के लिए नगर निगम ने तेज की टेंडर प्रक्रिया
धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण के साथ निर्माण कार्यों की तीन साल तक होगी निगरानी
वाराणसी। शहर की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए नगर निगम ने 3.26 करोड़ रुपये की लागत से 15 वार्डों में 62 विकास कार्य कराने की तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। योजना के तहत सड़कों और गलियों की मरम्मत, इंटरलॉकिंग, सीसी रोड निर्माण, चौका रिसेटिंग तथा जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य क्षतिग्रस्त सड़कों और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करना है। इसके तहत भेलूपुर जोन के 12 वार्डों के अलावा गोला दीनानाथ, कमालपुरा, राजघाट और करसड़ा प्लांट क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विकास कार्य कराए जाएंगे। सुंदरपुर, भगवानपुर, सीरगोवर्धनपुर, अशोकपुरम, मदनपुरा, बिरदोपुर, छोटी पियरी और कमलगड़हा सहित कई इलाकों की गलियों में इंटरलॉकिंग टाइल्स और सीसी रोड का निर्माण होगा।
योजना में जल निकासी व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी गई है। नेवादा, सुंदरपुर, छित्तुपुर खास और खुशहाल नगर में भूमिगत ड्रेनेज पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे जलभराव की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा साकेत नगर स्थित शीतला माता मंदिर के पास दो हॉल और विश्राम स्थल का निर्माण, सीरगोवर्धनपुर में आधुनिक व्यायामशाला, कमालपुरा क्षेत्र में चारकुंआ की मरम्मत तथा नेवादा और बिरदोपुर में सरदार वल्लभभाई पटेल एवं डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं के आसपास बाउंड्रीवाल, छतरी और रेलिंग का निर्माण भी कराया जाएगा।
नगर आयुक्त ने बताया कि सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ठेकेदारों पर कार्य पूर्ण होने के बाद तीन वर्ष तक अनुरक्षण और रखरखाव की जिम्मेदारी रहेगी। प्रत्येक परियोजना की शुरुआत से लेकर समापन तक जियो टैगिंग कराई जाएगी तथा निर्माण सामग्री की जांच आईआईटी-बीएचयू, राजकीय प्रयोगशाला या एनएबीएल मान्यता प्राप्त लैब से कराना अनिवार्य होगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही भुगतान किया जाएगा। यदि किसी ठेकेदार के दस्तावेज फर्जी पाए गए तो उसका अनुबंध निरस्त कर उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।
