भदोही
मतदेय स्थलों के संशोधन को लेकर एडीएम ने राजनीतिक दलों संग की बैठक
1200 से अधिक मतदाताओं वाले बूथों का होगा संभाजन, 12 जुलाई तक मांगे गए सुझाव
निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुरूप होगा भौतिक सत्यापन, सुगम मतदान व्यवस्था पर जोर
भदोही। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शैलेष कुमार के निर्देशन में कलेक्ट्रेट सभागार में मतदेय स्थलों के संभाजन, संशोधन एवं समायोजन को लेकर अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी शुभांगी शुक्ला की अध्यक्षता में राष्ट्रीय एवं राज्यीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई।
बैठक में भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए सभी राजनीतिक दलों को इसकी प्रतियां उपलब्ध कराई गईं।
जर्जर भवनों से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर बनाए जाएंगे मतदान केंद्र
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि भौतिक सत्यापन के आधार पर 1200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदेय स्थलों का संभाजन किया जाएगा। वहीं कम मतदाताओं वाले मतदान केंद्रों का परीक्षण कर आवश्यकता के अनुसार उनका समायोजन किया जाएगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि जर्जर अथवा अस्थायी भवनों में संचालित मतदेय स्थलों को उसी मतदान क्षेत्र के स्थायी एवं सुरक्षित भवनों में स्थानांतरित किया जाए। साथ ही मुख्य गांव या बस्ती से अधिक दूरी पर स्थित बूथों को भी सुविधाजनक स्थानों पर स्थानांतरित करने की कार्रवाई की जाएगी। नए मतदेय स्थल की दूरी दो किलोमीटर से अधिक नहीं होगी।
समयबद्ध तरीके से मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजा जाएगा प्रस्ताव
अपर जिलाधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि भौतिक सत्यापन के बाद यदि किसी मतदेय स्थल में संशोधन की आवश्यकता प्रतीत होती है तो उसका लिखित प्रस्ताव 12 जुलाई 2026 तक संबंधित उप जिलाधिकारी कार्यालय या जिला निर्वाचन कार्यालय में उपलब्ध करा दें।
प्राप्त सुझावों का परीक्षण कर संशोधित प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।
विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि रहे उपस्थित
बैठक के अंत में अपर जिलाधिकारी शुभांगी शुक्ला ने निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं मतदाता हितैषी बनाने में सभी राजनीतिक दलों से सक्रिय सहयोग की अपेक्षा जताई।
बैठक में भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, अपना दल (एस) सहित विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
