सोनभद्र
आबादी के बीच संचालित खनन पट्टे को लेकर बढ़ा विवाद, ब्लास्टिंग से ग्रामीणों में आक्रोश
हैवी ब्लास्टिंग से घरों तक पहुंचे पत्थर, महिलाओं ने जबरन खनन और धमकी देने का लगाया आरोप
विरोध प्रदर्शन के बीच पहुंची पुलिस, ग्रामीणों ने खनन बंद कराने की उठाई मांग
सोनभद्र। ओबरा थाना क्षेत्र के बिल्ली-मारकुंडी ग्राम पंचायत स्थित खैरटिया गांव में संचालित मेसर्स डी.एस. माइनिंग पत्थर खदान को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। शनिवार को कथित हैवी ब्लास्टिंग के बाद आसपास के घरों तक पत्थर पहुंचने और खेत की बोरिंग क्षतिग्रस्त होने के आरोपों के बाद ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। सूचना पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची।
ग्रामीणों का आरोप है कि आबादी के निकट संचालित खनन कार्य के कारण उनका जीवन प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि भारी ब्लास्टिंग से घरों तक पत्थर के टुकड़े पहुंच रहे हैं, जिससे जान-माल का खतरा बना हुआ है। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने खनन कार्य तत्काल बंद कराने की मांग की।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि खदान का पट्टा आबादी क्षेत्र के निकट नियमों की अनदेखी कर दिया गया। उनका दावा है कि खनन शुरू होने से पहले स्थानीय लोगों के साथ कोई जनसुनवाई या चौपाल आयोजित नहीं की गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों पर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न करने का भी आरोप लगाया।
गांव की निवासी देवकली, पपकला और परमेश्वरी ने आरोप लगाया कि उनकी निजी भूमि पर बिना सहमति के खनन किया जा रहा है। देवकली का कहना है कि खनन के दौरान उनके खेत में लगी बोरिंग मशीन से उखाड़ दी गई, जिससे सिंचाई और पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर उन्हें धमकियां दी जा रही हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस मौके पर मौजूद रही, लेकिन इसके बावजूद खनन कार्य जारी रहा। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई और खनन कार्य पर रोक लगाने की मांग की है।
