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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपियों के घरों पर पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश
आठों आरोपियों के आवासों की तलाशी, परिजनों और पड़ोसियों से जुटाए जा रहे साक्ष्य
अब तक 79 लाख रुपये बरामद, अविनाश शुक्ला के किराये का मकान सील
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में जुटी पुलिस ने रविवार सुबह एक साथ सभी आठ आरोपियों के घरों पर दबिश दी। पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपियों के आवासों पर पहुंचीं और घरों की तलाशी लेने के साथ परिजनों से पूछताछ की। इस दौरान पड़ोसियों से भी बातचीत कर मामले से जुड़े साक्ष्य और जानकारी जुटाई गई।
पुलिस टीम अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, टिन्नू यादव समेत अन्य आरोपियों के घर पहुंची। जांच के दौरान स्थानीय लोगों को भी अपने बयान और उपलब्ध साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के घरों के बाहर पुलिस बल तैनात रहा, ताकि जांच में किसी प्रकार की बाधा न आए।
इसी क्रम में कौशलपुरी फेस-एक स्थित आरोपी अविनाश शुक्ला के किराये के मकान पर भी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रवेश द्वार पर ताला लगाकर परिसर को निगरानी में ले लिया। पुलिस वहां भी साक्ष्य जुटाने में लगी रही।
पुलिस के अनुसार, मामले में अब तक सात आरोपियों से करीब 79 लाख रुपये की बरामदगी हो चुकी है। इनमें सबसे अधिक लगभग 20 लाख रुपये अविनाश शुक्ला के पास से बरामद किए गए हैं। विवेचना के तहत अन्य साक्ष्य भी एकत्र किए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि छह जून को राम मंदिर की चढ़ावा राशि में गबन और चोरी का मामला सामने आया था। मंदिर ट्रस्ट की संस्तुति पर प्रदेश सरकार ने एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी की रिपोर्ट शासन को सौंपे जाने के बाद मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की तहरीर पर रामजन्मभूमि थाने में बृहस्पतिवार को एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद शुक्रवार को सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
एफआईआर के अनुसार, एसआईटी जांच में सामने आया कि चढ़ावा राशि की गणना प्रक्रिया में तैनात कुछ कर्मियों ने भेंट एवं चढ़ावा की धनराशि में चोरी की। जांच में पर्यवेक्षणीय कार्य से जुड़े कर्मियों की भूमिका भी प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाई गई, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले की गहन विवेचना शुरू कर दी है।
