बलिया
सीएचसी नरही में छह माह से बंद पड़ी प्रसूताओं की पौष्टिक आहार योजना
जनवरी से नहीं मिल रहा भोजन, फल और दूध; जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
नरही (बलिया)।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नरही में प्रसव के बाद महिलाओं को उपलब्ध कराई जाने वाली पौष्टिक आहार योजना पिछले छह माह से ठप पड़ी है। जनवरी से प्रसूताओं को भोजन, फल और दूध जैसी निर्धारित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी सरकारी योजना का लाभ महिलाओं तक नहीं पहुंच पा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर माह 70 से 80 संस्थागत प्रसव होने के बावजूद केंद्र पर योजना पूरी तरह बंद है। इससे प्रसूताओं और उनके परिजनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा तत्काल योजना को पुनः शुरू कराने की मांग की है।
स्वास्थ्य केंद्र के एक कर्मचारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि योजना का संचालन एक गैर-सरकारी संस्था (एनजीओ) के माध्यम से किया जाना है, लेकिन जनवरी से अब तक संस्था का कोई प्रतिनिधि केंद्र पर नहीं पहुंचा है। इसी कारण प्रसूताओं को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि सरकार संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है, लेकिन सीएचसी नरही में पौष्टिक आहार योजना बंद होने से इन प्रयासों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से शीघ्र हस्तक्षेप कर व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
