देवरिया
राम मंदिर की परीक्षा न लें – योगी
देवरिया में 456 करोड़ की परियोजनाओं के लोकार्पण-शिलान्यास के दौरान विपक्ष पर साधा निशाना
बोले— एसआईटी की रिपोर्ट पर कार्रवाई शुरू, ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ होगा
देवरिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण पर कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनआस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पूरे मामले में “दूध का दूध और पानी का पानी” किया जाएगा।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को देवरिया में 456 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले ही दिन स्पष्ट कर दिया था कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी के पास इस मामले से जुड़े तथ्य या प्रमाण हैं तो उन्हें एसआईटी के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए। बिना साक्ष्य के आरोप-प्रत्यारोप लगाने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि रामभक्तों की आस्था की परीक्षा लेने का प्रयास नहीं होना चाहिए।
विपक्ष पर बोला हमला
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक पक्ष भगवान राम के अस्तित्व को ही नकारता रहा और राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण का न्यायालय में विरोध करता रहा, जबकि दूसरा पक्ष “जय श्रीराम” के उद्घोष पर लाठी और गोली चलाने का काम करता था। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले रामनवमी, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, कांवड़ यात्रा और दुर्गा पूजा जैसे आयोजनों में भी बाधाएं उत्पन्न की जाती थीं।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि जिन लोगों ने वर्षों तक भ्रष्टाचार किया, वे आज अयोध्या को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जिसे जनता स्वीकार नहीं करेगी।
दिल्ली सरकार पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना नाम लिए दिल्ली की पूर्व सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता ने कई वर्षों तक अवसर दिया, लेकिन राजधानी को भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि यदि अयोध्या की तरह विकास कार्य किए गए होते तो दिल्ली भी आज उसी प्रकार विकसित और व्यवस्थित दिखाई देती।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रदेश सरकार जनभावनाओं और धार्मिक आस्था का पूरा सम्मान करती है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
