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मिर्ज़ापुर

मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के 242 लाभार्थियों को मिले चयन पत्र

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मझवां विधायक सुचिस्मिता मौर्य ने वितरित किए प्रमाणपत्र, महिलाओं में दिखा उत्साह

दो स्वदेशी गायों की डेयरी स्थापना पर मिलेगा 80 हजार रुपये तक का अनुदान

मीरजापुर। प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के तहत मंगलवार को दुग्ध विकास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मझवां विधायक सुचिस्मिता मौर्य ने 242 लाभार्थियों को चयन पत्र वितरित किए। लाभार्थियों में 121 महिलाएं और 121 पुरुष शामिल हैं।

इस अवसर पर विंध्याचल मंडल के डीडीओ अखिलेन्द्र मिश्रा, नंदबाबा दुग्ध मिशन के नोडल अधिकारी मनोज दुबे सहित विभागीय अधिकारी एवं लाभार्थी मौजूद रहे।

किसानों की आय बढ़ाने और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने की पहल

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक सुचिस्मिता मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार गो-संरक्षण और संवर्धन के साथ-साथ ग्रामीणों को रोजगार से जोड़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने लाभार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह योजना आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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नंदबाबा दुग्ध मिशन के नोडल अधिकारी मनोज दुबे ने बताया कि योजना के तहत उन्नत नस्ल की दो स्वदेशी गायों की डेयरी इकाई स्थापित करने के लिए 80 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जाता है। यह राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।

स्वदेशी नस्ल को बढ़ावा और रोजगार सृजन पर जोर

उन्होंने बताया कि योजना का उद्देश्य उन्नत नस्ल की स्वदेशी गायों को बढ़ावा देना, दुग्ध उत्पादन बढ़ाना तथा संकर नस्ल की गायों में फैलने वाली बीमारियों, विशेषकर लम्पी रोग जैसी समस्याओं से बचाव करना है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के नए अवसर भी विकसित किए जा रहे हैं।

चयन पत्र पाकर खिल उठे लाभार्थियों के चेहरे

महिलाओं ने बताया आत्मनिर्भर बनने का अवसर

चौहानपट्टी निवासी सुनीता यादव ने कहा कि यह योजना उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मददगार साबित होगी। अब उन्हें घर पर ही रोजगार का अवसर मिलेगा और अतिरिक्त दूध बेचकर आय भी बढ़ेगी।

वहीं पहाड़ा निवासी उषा देवी ने बताया कि उन्नत नस्ल की गायें खरीदना उनके लिए संभव नहीं था, लेकिन सरकार की सहायता से अब वे डेयरी व्यवसाय शुरू कर सकेंगी। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और नियमित आय का स्रोत भी विकसित होगा।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को पशुपालन से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि करने तथा महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किया जा रहा है। चयन पत्र मिलने के बाद लाभार्थियों में उत्साह का माहौल देखा गया।

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