आजमगढ़
रानी दुर्गावती बलिदान दिवस पर दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
वीरांगना के साहस, स्वाभिमान और बलिदान को किया गया नमन
आजमगढ़। वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उनके अद्वितीय साहस, देशभक्ति और स्वाभिमान को याद करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने रानी दुर्गावती के जीवन को नारी शक्ति, नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति का प्रेरणादायी उदाहरण बताया।
देशभक्ति और नारी शक्ति की प्रतीक थीं रानी दुर्गावती
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आगसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेश कुमार गोंड ने कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन साहस, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि रानी ने गोंडवाना राज्य की रक्षा के लिए मुगल सेना का वीरतापूर्वक मुकाबला किया और आत्मसमर्पण के बजाय बलिदान का मार्ग चुना।
युवाओं और महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत
सुआल प्रसाद ने कहा कि रानी दुर्गावती का त्याग और पराक्रम आज भी देशवासियों, विशेषकर युवाओं और महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके संघर्षपूर्ण जीवन से समाज को साहस और आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ने की सीख मिलती है।
पुष्पांजलि अर्पित कर लिया संकल्प
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने रानी दुर्गावती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके बताए हुए साहस, स्वाभिमान एवं जनसेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
गायिकी के माध्यम से किया जागरूक
इस अवसर पर गंगाराम गोंड ने अपनी लोकगायिकी के माध्यम से लोगों को जागरूक किया और रानी दुर्गावती के संघर्ष एवं बलिदान की गाथा प्रस्तुत की।
इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान
दीपू खरवार ने कहा कि रानी दुर्गावती का बलिदान भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है। वहीं जया गोंड ने कहा कि रानी दुर्गावती वीरता, स्वाभिमान और बलिदान की प्रतीक थीं, जिनके जीवन से संघर्ष और आत्मगौरव की प्रेरणा मिलती है।
ये लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम में अशोक गोंड, लक्ष्मी गोंड, लवकुश गोंड, रामरतन गोंड, सदानंद, मनीराम, दीपक गोंड सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। उपस्थित जनों ने एक स्वर में कहा कि रानी दुर्गावती का बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा और उनका आदर्श समाज को प्रेरित करता रहेगा।
