मिर्ज़ापुर
तबादले के 20 दिन बाद भी कार्यमुक्त नहीं हुईं चुनार की सीओ, उठने लगे सवाल
शासन के स्थानांतरण आदेश के बावजूद चुनार में निभा रही हैं जिम्मेदारी
प्रशासनिक हलकों और आमजन के बीच चर्चा का विषय बना मामला
चुनार (मीरजापुर)। शासन द्वारा हाल ही में बड़े पैमाने पर किए गए पुलिस अधिकारियों के तबादलों में चुनार क्षेत्राधिकारी (सीओ) का स्थानांतरण कन्नौज जनपद के लिए किया गया था। हालांकि स्थानांतरण आदेश जारी होने के करीब 20 दिन बाद भी वह अब तक कार्यमुक्त नहीं हुई हैं और चुनार में ही अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं। इस असामान्य देरी को लेकर प्रशासनिक गलियारों से लेकर आम जनता तक विभिन्न तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
स्थानांतरण के बाद भी नहीं हुई कार्यमुक्ति
जानकारों के अनुसार शासन द्वारा स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद अधिकारियों को सामान्यतः निर्धारित समय के भीतर कार्यमुक्त कर नई तैनाती स्थल पर योगदान देना होता है। कई मामलों में अधिकारी 24 से 72 घंटे के भीतर ही कार्यभार छोड़ देते हैं। ऐसे में लगभग 20 दिन बीत जाने के बाद भी कार्यमुक्ति न होना कई सवाल खड़े कर रहा है।
प्रशासनिक आवश्यकता या कोई अन्य कारण?
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब शासन का स्पष्ट आदेश जारी हो चुका है, तो कार्यमुक्ति की प्रक्रिया अब तक क्यों पूरी नहीं हुई। क्या जनपद में किसी प्रशासनिक आवश्यकता के चलते उन्हें रोका गया है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है? यदि कोई विशेष परिस्थिति है, तो उसे सार्वजनिक रूप से स्पष्ट क्यों नहीं किया जा रहा है?
सूत्रों के अनुसार इस मामले को लेकर विभागीय कर्मचारियों और पुलिस महकमे में भी तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। लोग यह जानना चाह रहे हैं कि क्या नियम सभी अधिकारियों पर समान रूप से लागू होते हैं या कुछ मामलों में अलग व्यवस्था अपनाई जाती है।
छोटे कर्मचारियों पर त्वरित कार्रवाई, बड़े अधिकारियों पर सवाल
अक्सर देखा जाता है कि किसी कर्मचारी या अधिकारी का तबादला होते ही उसे तत्काल कार्यमुक्त कर दिया जाता है। कई बार विलंब होने पर स्पष्टीकरण तक मांगा जाता है। ऐसे में चुनार सीओ के मामले में लंबी देरी लोगों के बीच सवाल खड़े कर रही है और दोहरे मानदंड अपनाए जाने की चर्चा को बल मिल रहा है।
स्थिति स्पष्ट करने की मांग
चुनार और मीरजापुर के प्रशासनिक हलकों में यह मामला चर्चा का केंद्र बना हुआ है। सोशल मीडिया पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं कि कन्नौज स्थानांतरण होने के बावजूद सीओ अब तक चुनार में क्यों कार्यरत हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कोई प्रशासनिक मजबूरी या विशेष परिस्थिति है, तो संबंधित विभाग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि अफवाहों और अटकलों पर विराम लग सके।
