वाराणसी
आईआईटी (बीएचयू) में उत्साहपूर्वक मनाया गया 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस
11 दिवसीय योग शिविर, योग निद्रा, क्विज एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं के माध्यम से फैलाई गई योग जागरूकता
“स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम पर हुआ आयोजन, बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और नागरिकों ने की सहभागिता
वाराणसी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिन्दू विश्वविद्यालय) में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन उत्साह, अनुशासन और व्यापक जनसहभागिता के साथ किया गया। इस वर्ष योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” (Yoga for Healthy Ageing) रही, जिसके माध्यम से स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए योग के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

11 दिवसीय योग शिविर में प्रतिदिन जुटे सैकड़ों प्रतिभागी
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पूर्व संस्थान द्वारा 11 दिवसीय योग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में प्रतिदिन लगभग 250 प्रतिभागियों ने नियमित रूप से सहभागिता की। इसमें काशी के नागरिकों, संस्थान के शिक्षकों, प्रशासनिक एवं तकनीकी कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया तथा शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के उपाय सीखे।
योग निद्रा कार्यक्रम ने किया आकर्षित
18 से 20 जून तक संस्थान के रमेश श्रीनिवासन छात्र गतिविधि केंद्र में योग निद्रा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों को योग निद्रा की वैज्ञानिक पद्धति और उससे होने वाले स्वास्थ्य लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में योग निद्रा के माध्यम से तनाव मुक्ति, मानसिक शांति और बेहतर स्वास्थ्य के महत्व पर विशेष चर्चा की गई।

क्विज और चित्रकला प्रतियोगिताओं में दिखी रचनात्मक प्रतिभा
योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने और रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 19 जून को क्विज प्रतियोगिता एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
विद्यार्थियों ने योग की अवधारणा, इतिहास और वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता से जुड़े विषयों पर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
जिमखाना मैदान में हुआ सामूहिक योगाभ्यास
21 जून को संस्थान के जिमखाना मैदान में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से कॉमन योग प्रोटोकॉल का अभ्यास किया।

कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक प्रो. अमित पात्रा, संकाय सदस्य, प्रशासनिक एवं तकनीकी कर्मचारी, विद्यार्थी तथा काशी के अनेक नागरिक शामिल हुए।
योग भारत की अमूल्य धरोहर : प्रो. अमित पात्रा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का अमूल्य उपहार है, जो व्यक्ति को शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन प्रदान करता है।

उन्होंने सभी से योग को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि नियमित योगाभ्यास स्वस्थ और सकारात्मक जीवन की आधारशिला है।
स्वस्थ और जागरूक समाज निर्माण का संदेश
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित विविध कार्यक्रमों ने न केवल योग के प्रति जागरूकता बढ़ाई, बल्कि संस्थान और समाज के विभिन्न वर्गों को एक साझा उद्देश्य से जोड़ने का कार्य भी किया।
आईआईटी (बीएचयू) प्रशासन ने कहा कि संस्थान स्वस्थ, जागरूक और समृद्ध समाज के निर्माण के लिए भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा।
