वाराणसी
एआई सचिव जी का शुभारंभ, पंचायतों में डिजिटल सुशासन को मिलेगी नई गति
कृत्रिम बुद्धिमत्ता से प्रशासनिक कार्य होंगे अधिक पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध : जिलाधिकारी
ग्राम पंचायतों को योजनाओं की जानकारी, रिपोर्टिंग और प्रशासनिक कार्यों में मिलेगी तकनीकी सहायता
वाराणसी। पंचायतों में डिजिटल सुशासन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पिरामल फाउंडेशन द्वारा विकसित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म “एआई सचिव जी” का शुभारंभ सोमवार को आयुक्त कार्यालय सभागार में किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक कुमार सिन्हा तथा प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष राकेश सिंह ने संयुक्त रूप से पोस्टर का अनावरण कर इस नई पहल की शुरुआत की।
प्रशासनिक व्यवस्था को बनाएगा अधिक प्रभावी और जवाबदेह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने का सशक्त माध्यम बन रही है। उन्होंने बताया कि “एआई सचिव जी” के माध्यम से ग्राम पंचायतों से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी तथा शासन की गाइडलाइन के अनुरूप आवश्यक सूचनाएं लिखित और मौखिक दोनों रूपों में प्राप्त की जा सकेंगी।
उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म बैठकों की कार्यवाही तैयार करने, रिपोर्ट बनाने तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों को सरल, त्वरित और समयबद्ध बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पंचायत प्रतिनिधियों को मिलेगी तकनीकी सहायता
मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने कहा कि यह पहल ग्राम पंचायतों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे ग्राम प्रधानों, पंचायत सचिवों और अन्य जनप्रतिनिधियों को तकनीकी सहयोग के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त होगी, जिससे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सुविधा मिलेगी।
जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक कुमार सिन्हा ने कहा कि पंचायतों में आधुनिक तकनीक का समावेश समय की आवश्यकता है। “एआई सचिव जी” के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों को त्वरित और सटीक जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों बढ़ेंगी।
ग्रामीण विकास को मिलेगी नई दिशा
प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष राकेश सिंह ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से पंचायतों की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनेगी। इससे ग्रामीण विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
लाइव डेमो में दिखाई गई एआई सचिव जी की उपयोगिता
कार्यक्रम के दौरान पिरामल फाउंडेशन की टीम द्वारा “एआई सचिव जी” का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया गया। टीम ने बताया कि यह प्लेटफॉर्म पंचायत प्रतिनिधियों को सरकारी योजनाओं की जानकारी, आवश्यक दस्तावेज तैयार करने, बैठकों की कार्यवाही दर्ज करने तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों में तत्काल सहायता प्रदान करेगा।
उपस्थित ग्राम प्रधानों और अधिकारियों ने इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को सरल, उपयोगी और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बताया।
बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में पिरामल फाउंडेशन के विंग कमांडर जैनेंद्र कुमार पाठक, सीनियर प्रोग्राम मैनेजर बशारत, सीनियर प्रोग्राम मैनेजर संतोष सिंह और प्रोग्राम मैनेजर चंद्रशेखर ने एआई सचिव जी की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता संतोष सिंह ने की, जबकि आयोजन एवं समन्वय में साक्षी सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस अवसर पर विभिन्न ग्राम प्रधान, प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष, गांधी फेलो, पिरामल फाउंडेशन की टीम, पंचायत प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में अधिकारी उपस्थित रहे।
