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गोरखपुर

शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण: 25 हजार का इनामी निलंबित लिपिक संजीव सिंह ने किया आत्मसमर्पण

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लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी ने अदालत में सरेंडर किया, जांच को मिलेगी नई गति

आत्महत्या मामले में पहले ही पूर्व बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और एक अन्य आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार

गोरखपुर| शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में फरार चल रहे निलंबित लिपिक संजीव सिंह ने आखिरकार न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। इस मामले में उसकी गिरफ्तारी पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार फरार चल रहा था।

मृतक शिक्षक की पत्नी की तहरीर पर दर्ज हुआ था मुकदमा

यह मामला शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या से जुड़ा है, जिसने पूरे प्रदेश में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। मृतक शिक्षक की पत्नी की तहरीर पर तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शालिनी श्रीवास्तव, निलंबित लिपिक संजीव सिंह तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

आरोप था कि विभागीय कार्रवाई और उच्च न्यायालय के आदेशों का भय दिखाकर शिक्षकों से अवैध धन उगाही की जा रही थी।

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शिक्षकों से 16-16 लाख रुपये मांगने का आरोप

पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया था कि तीन शिक्षकों से 16-16 लाख रुपये की मांग की गई थी। आरोप है कि उच्च न्यायालय के आदेशों के नाम पर शिक्षकों पर दबाव बनाया गया और उनसे भारी रकम वसूलने का प्रयास किया गया।

बताया जाता है कि इसी मानसिक दबाव और प्रताड़ना से परेशान होकर शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने आत्मघाती कदम उठा लिया था।

सुसाइड नोट ने मोड़ दी थी जांच की दिशा

जेब से मिले पत्र में कई लोगों पर लगाए गए थे आरोप

मामले को उस समय और गंभीर माना गया जब मृतक शिक्षक की जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। सुसाइड नोट में कथित रूप से उन लोगों के नाम और आरोपों का उल्लेख था, जिन्हें शिक्षक अपनी परेशानी और मानसिक तनाव के लिए जिम्मेदार मान रहे थे।

सुसाइड नोट सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन पड़ताल शुरू की।

अब संजीव सिंह के आत्मसमर्पण से जांच को मिलेगी मजबूती

पुलिस विवेचना के आधार पर इस प्रकरण में तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और अनिरुद्ध नामक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों के खिलाफ न्यायालय में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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वहीं संजीव सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी और उसकी सूचना देने वाले पर इनाम भी घोषित किया गया था।

निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई का भरोसा

संजीव सिंह के आत्मसमर्पण के बाद मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया को नई गति मिलने की उम्मीद है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में संजीव सिंह का आत्मसमर्पण जांच की दिशा में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

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