गाजीपुर
मुहर्रम को लेकर गाजीपुर में धारा 163 लागू, 18 जून से 18 जुलाई तक रहेगी प्रभावी
शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी ने जारी की निषेधाज्ञा
10 फीट से ऊंची ताजिया, बिना अनुमति ध्वनि विस्तारक और पांच से अधिक लोगों के प्रदर्शन पर रोक
गाजीपुर। आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट अनुपम शुक्ला ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के अंतर्गत जनपद में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह आदेश 18 जून 2026 से 18 जुलाई 2026 तक पूरे जनपद में प्रभावी रहेगा।
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि चंद्र दर्शन के अनुसार 26 जून 2026 को मुहर्रम का पर्व मनाया जाएगा। त्योहार के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
आदेश के अनुसार जनपद में कोई भी व्यक्ति आंदोलन या प्रदर्शन के उद्देश्य से पांच से अधिक व्यक्तियों का समूह नहीं बनाएगा। बिना अनुमति जुलूस, प्रदर्शन, सभा, धरना, घेराव और उत्तेजनात्मक नारेबाजी पर प्रतिबंध रहेगा। सार्वजनिक स्थलों, सरकारी कार्यालयों तथा आवश्यक सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठानों के परिसर में धरना-प्रदर्शन और हड़ताल भी प्रतिबंधित रहेगी।
मुहर्रम के अवसर पर 10 फीट से अधिक ऊंची ताजिया के निर्माण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके साथ ही बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग की अनुमति नहीं होगी। रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर, डीजे एवं अन्य ध्वनि उपकरणों के संचालन पर भी रोक रहेगी।
निषेधाज्ञा के तहत किसी भी व्यक्ति को आग्नेयास्त्र, तलवार, फरसा, चाकू, लाठी-डंडा या अन्य घातक हथियार लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि यह प्रतिबंध शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा।
आदेश में यह भी कहा गया है कि ताजिया जुलूस के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों अथवा डीजे का प्रयोग 60 डेसिबल से अधिक आवाज में नहीं किया जाएगा। सार्वजनिक स्थानों पर मदिरा या अन्य मादक पदार्थों का सेवन कर घूमने पर भी रोक रहेगी।
इसके अतिरिक्त कलेक्ट्रेट एवं कचहरी परिसर तथा उसके एक किलोमीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का धरना, प्रदर्शन या जुलूस आयोजित नहीं किया जा सकेगा। सड़क एवं सार्वजनिक मार्गों को अवरुद्ध करना भी प्रतिबंधित रहेगा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने सभी नागरिकों से त्योहार को सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
