गाजीपुर
ऑपरेशन अमानत के तहत दो नाबालिग बच्चियां सकुशल परिजनों को सौंपी गईं
औड़िहार (गाजीपुर) । रेलवे बोर्ड द्वारा संचालित “ऑपरेशन अमानत” के तहत औड़िहार रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध अवस्था में मिली दो नाबालिग बच्चियों को सुरक्षित संरक्षण में लेकर आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
जानकारी के अनुसार, 16 जून 2026 को औड़िहार रेलवे स्टेशन पर नियमित चेकिंग के दौरान स्टेशन गेट के पास दो नाबालिग बच्चियां रोती और घबराई हुई अवस्था में मिलीं। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के उपनिरीक्षक राकेश कुमार सिंह एवं कांस्टेबल प्रमोद कुमार दुबे ने बच्चियों से पूछताछ की। इस दौरान उन्होंने अपना नाम सुप्रिया पुत्री शिवजी एवं **सरस्वती पुत्री रामसरण, निवासी कठबनवा, कोतवाली बलिया, जनपद बलिया बताया।
बच्चियों ने बताया कि घर पर मां द्वारा डांट-फटकार और मारपीट किए जाने से नाराज होकर वे घर छोड़कर चली आई थीं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल चाइल्ड लाइन गाजीपुर को सूचना दी गई।
चाइल्ड लाइन की टीम ने दोनों बच्चियों को अपने संरक्षण में लेकर महिला कांस्टेबल की निगरानी में सुरक्षित रखा तथा उनके परिजनों से संपर्क स्थापित किया। सूचना मिलने पर अभिभावक औड़िहार पहुंचे। पहचान एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर बच्चियों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
इस दौरान अभिभावकों को बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने, उनकी समस्याओं को समझने तथा उचित देखभाल सुनिश्चित करने की सलाह दी गई। चाइल्ड लाइन के प्रतिनिधियों ने बताया कि दोनों बच्चियां पूरी तरह सुरक्षित हैं और नियमानुसार कार्रवाई के बाद उन्हें परिवार के साथ भेज दिया गया।
इस सफल कार्रवाई में रेलवे सुरक्षा बल, चाइल्ड लाइन गाजीपुर एवं स्थानीय प्रशासन** की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ऑपरेशन अमानत के तहत समय रहते की गई कार्रवाई से दो नाबालिग बच्चियों को सुरक्षित उनके परिवार से मिलाया जा सका।
