गाजीपुर
पत्रकार को मिली जान से मारने की धमकी, पुलिस से लगाई न्याय की गुहार
समाचार प्रकाशन से नाराज लोगों पर धमकी देने का आरोप, जांच में जुटी पुलिस
मुहम्मदाबाद (गाजीपुर)। थाना कोतवाली मुहम्मदाबाद क्षेत्र के ग्राम दाउदपुर निवासी पत्रकार मोहम्मद तौकीर ने कुछ लोगों पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है। पत्रकार ने कोतवाली में तहरीर देकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
समाचार संकलन और प्रकाशन को लेकर जताई नाराजगी
पत्रकार मोहम्मद तौकीर द्वारा दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार, क्षेत्र के कुछ लोग लंबे समय से गांव और आसपास के इलाकों में भय और दहशत का माहौल बनाए हुए हैं। आरोप है कि ये लोग समूह बनाकर घूमते हैं और आम लोगों को डराने-धमकाने का कार्य करते हैं।
तहरीर में कहा गया है कि 10 जून 2026 की रात लगभग 8 बजे जब वह अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तभी विट्ठल चौराहे के पास कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि वहां मौजूद लोगों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, गाली-गलौज की और उनके पत्रकारिता कार्यों को लेकर नाराजगी व्यक्त की।
जान से मारने की धमकी का आरोप
पत्रकार का आरोप है कि संबंधित लोगों ने उन्हें चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वह इसी प्रकार समाचार प्रकाशित करते रहे तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। तौकीर ने कहा कि घटना के बाद वह और उनका परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
उन्होंने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा प्रदान करने तथा मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
पुलिस ने जांच के दिए निर्देश
मामले के संबंध में प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली मुहम्मदाबाद ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने या किसी को धमकाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
पत्रकार संगठनों और स्थानीय लोगों में चिंता
घटना की जानकारी सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी समाचार या रिपोर्टिंग से असहमति होने पर उसके लिए कानूनी और संवैधानिक रास्ते उपलब्ध हैं, लेकिन किसी पत्रकार को डराना-धमकाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।
वहीं पत्रकारों और सामाजिक संगठनों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की सत्यता और घटना की वास्तविक परिस्थितियों का स्पष्ट पता चल सकेगा। क्षेत्र के लोगों की निगाहें अब पुलिस की आगामी कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।
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