Connect with us

गाजीपुर

पुरुषोत्तम मास में श्रीरामचरितमानस पाठ का भव्य समापन, विशाल भंडारे में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

Published

on

Loading...
Loading...

एक माह तक चला धार्मिक आयोजन, महाआरती और भजन-कीर्तन के साथ हुआ समापन

सादात (गाजीपुर)। सादात ब्लॉक क्षेत्र के हुरमजपुर हॉल्ट स्थित ग्राम सभा खलीलपुर में रेलवे लाइन के पूरब स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर आयोजित श्रीरामचरितमानस पाठ का सोमवार को विधि-विधान एवं पूजा-अर्चना के साथ भव्य समापन हुआ। समापन अवसर पर आयोजित विशाल भंडारे में क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

17 मई से चल रहा था श्रीरामचरितमानस पाठ

जानकारी के अनुसार भगवान श्रीराम की भक्ति और धार्मिक संस्कारों के प्रसार के उद्देश्य से 17 मई से मंदिर परिसर में प्रतिदिन सायंकाल श्रीरामचरितमानस का पाठ प्रारंभ किया गया था। लगभग एक माह तक चले इस धार्मिक आयोजन का समापन 15 जून को विशेष पूजन, हनुमान चालीसा पाठ, भजन-कीर्तन एवं महाआरती के साथ संपन्न हुआ।

विद्युत सज्जा से जगमगाया मंदिर परिसर

Advertisement

समापन समारोह के दौरान मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से गुलजार रहा। दूर-दराज से पहुंचे संत-महात्माओं और भक्तों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष आध्यात्मिक स्वरूप प्रदान किया। सायंकाल मंदिर परिसर तथा रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया, जिससे पूरा क्षेत्र रोशनी से जगमगा उठा।

श्रद्धालुओं ने बताया कि धार्मिक वातावरण और भव्य सजावट के कारण ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो अयोध्या के प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी धाम की दिव्यता यहां साकार हो गई हो।

स्थानीय श्रद्धालुओं का रहा विशेष योगदान

मंदिर समिति के अनुसार आयोजन की सफलता में स्थानीय श्रद्धालुओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। रामायण पाठ एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में राम प्रसाद यादव, पुजारी अनिल गुप्ता, कैलाश यादव, रमेश चौबे, मुन्ना चौबे, जगदंबा सिंह, संजय माली, शिवम चौबे, शिवम प्रजापति, राम लखन चौबे, जयप्रकाश यादव तथा रामवृक्ष चौहान सहित अनेक श्रद्धालुओं ने नियमित सहयोग प्रदान किया।

महिलाओं ने भी विभिन्न धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई और कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

Advertisement

युवाओं ने संभाली व्यवस्था की जिम्मेदारी

आयोजन के दौरान दर्जनों युवाओं की टीम ने मंदिर परिसर की साफ-सफाई, श्रद्धालुओं की सुविधा, प्रसाद वितरण और अन्य व्यवस्थाओं का दायित्व संभाला। उनके सहयोग से पूरा कार्यक्रम सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।

भक्ति और सद्भाव का बना केंद्र

आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में भक्ति, सद्भाव, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का प्रभावी माध्यम हैं। समापन समारोह में आयोजित महाआरती और भंडारे में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, श्रद्धालुओं एवं गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।

पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिससे क्षेत्र का वातावरण पूर्णतः भक्तिमय बना रहा।

Advertisement

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page