गाजीपुर
बौरवां बाजार में जलभराव से व्यापारियों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
सड़क और नाली निर्माण की खामियों से बढ़ी परेशानी, 200 मीटर तक जमा हो रहा पानी
तहसील दिवस पर एसडीएम को सौंपा जाएगा ज्ञापन, समाधान न होने पर धरना-प्रदर्शन की तैयारी
सैदपुर (गाजीपुर)। एनएच-124डी पर सैदपुर से लगभग आठ किलोमीटर दूर स्थित बौरवां बाजार में जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर व्यापारियों और स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। हल्की बारिश के बाद ही सड़क और नाली के बीच करीब 200 मीटर तक पानी जमा हो जाने से राहगीरों, व्यापारियों और ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार बौरवां बाजार पूर्वी क्षेत्र के दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख व्यापारिक केंद्र है। यहां से नहर मार्ग और सैदपुर के भीतरी क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़क पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। ऐसे में जलभराव की समस्या से लोगों की दिनचर्या और व्यापार दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
निर्माण कार्य में जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल
ग्रामीणों और व्यापारियों का आरोप है कि लगभग एक वर्ष पूर्व जिला पंचायत मद से सड़क एवं नाली निर्माण का कार्य कराया गया था, लेकिन निर्माण के दौरान जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई। इसके कारण बारिश का पानी सड़क और नाली के बीच जमा हो जाता है, जिससे बाजार क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बन जाती है।
व्यापारियों का कहना है कि निर्माण कार्य के समय ही उन्होंने नाली की ऊंचाई तथा सड़क के स्तर को लेकर आपत्ति दर्ज कराते हुए उचित जल निकासी की मांग की थी, लेकिन उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया।
व्यापार मंडल ने दी आंदोलन की चेतावनी
व्यापार मंडल अध्यक्ष कन्हैया सिंह यादव ने बताया कि मंगलवार को तहसील दिवस के अवसर पर बाजार के दुकानदारों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन उप जिलाधिकारी सैदपुर को सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन द्वारा जल्द समाधान नहीं किया गया तो व्यापारी एवं क्षेत्रीय जनता आंदोलन करने को मजबूर होगी।
जल निकासी की समुचित व्यवस्था की मांग
स्थानीय लोगों ने शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए बाजार क्षेत्र में जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था कराई जाए। उनका कहना है कि समस्या के समाधान से न केवल व्यापार प्रभावित होने से बचेगा, बल्कि आम नागरिकों का आवागमन भी सुचारु रूप से जारी रह सकेगा।
लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो व्यापक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
