गाजीपुर
दहेज हत्या मामले में पति को 10 वर्ष, सास-ससुर को 7-7 वर्ष की सजा
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी से मिली दोषियों को सजा
गाजीपुर के मुहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के चर्चित मामले में न्यायालय का फैसला
गाजीपुर। उत्तर प्रदेश पुलिस के “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत मॉनिटरिंग सेल एवं अभियोजन की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप दहेज हत्या के एक मामले में न्यायालय ने तीन अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।
थाना मुहम्मदाबाद में वर्ष 2020 में दर्ज मुकदमा संख्या 215/2020, धारा 498ए, 304बी भारतीय दंड संहिता एवं 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम से संबंधित प्रकरण में न्यायालय ने अभियुक्त पवन कुमार पुत्र कुबेर राम निवासी आदिलाबाद, थाना मुहम्मदाबाद को धारा 304बी/34 भादवि के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
वहीं सह-अभियुक्त कुबेर राम एवं गीता देवी को धारा 304बी/34 भादवि के तहत 7-7 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया गया।
इसके अतिरिक्त तीनों अभियुक्तों को धारा 498ए भादवि के तहत 2-2 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 5-5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी गई। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
न्यायालय ने तीनों दोषियों को दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत 1-1 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5-5 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड न चुकाने पर प्रत्येक अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी एवं मॉनिटरिंग सेल की सतत निगरानी के चलते मामले में दोषसिद्धि सुनिश्चित हुई, जिसे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
