गाजीपुर
अस्पताल बना ‘अखाड़ा’, गार्डों ने मरीजों को पीटा, अब लैब से ब्लड सैंपल भी गायब!
गाजीपुर (जयदेश)। जनपद का सरकारी अस्पताल इन दिनों इलाज के लिए नहीं, बल्कि अपनी बदहाली और गुंडागर्दी के लिए चर्चा में है। जय देश न्यूज़ के तहसील प्रभारी राजेश कुमार रावत की इस विशेष रिपोर्ट ने अस्पताल के भीतर चल रहे ‘जंगलराज’ का पर्दाफाश किया है। पिछले 2-3 दिनों से अस्पताल परिसर में सुरक्षाकर्मियों (गार्डों और बाउंसरों) द्वारा मरीजों और उनके तीमारदारों के साथ मारपीट और हाथापाई की खबरें आ रही हैं, जिसने आज एक नया मोड़ ले लिया है।
गार्डों की दबंगई: तीमारदारों पर हाथ छोड़ रहे सुरक्षाकर्मी
खबर है कि पिछले दो-तीन दिनों से अस्पताल में तैनात गार्ड और बाउंसर मरीजों की मदद करने के बजाय उनके साथ बदसलूकी और मारपीट कर रहे हैं। मामूली बात पर तीमारदारों पर हाथ उठाना अब यहाँ की दिनचर्या बन गई है। मरीजों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन की शह पर ये गार्ड बेलगाम हो चुके हैं।
सनसनीखेज मोड़: मारपीट के बाद अब सैंपल भी ‘गायब’
अभी मारपीट का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि आज तीसरे दिन एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया। ग्राम पोस्ट परवा के निवासी मरीज महावीर बिंद इस व्यवस्था का नया शिकार बने हैं। महावीर बिंद, जो पहले से ही गंभीर जलन और शारीरिक कष्ट से जूझ रहे हैं, उनका ब्लड सैंपल ही लैब से रहस्यमयी तरीके से गायब हो गया।
बारकोड भी फेल, सिस्टम पर सवाल
हैरानी की बात यह है कि मरीज के पास जो पर्चा है, उस पर बाकायदा बारकोड लगा हुआ है। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सैंपल नहीं मिल रहा है। आज जब मरीज दोबारा अस्पताल पहुँचा, तो उससे फिर से खून का नमूना देने को कहा गया। मारपीट और फिर सैंपल चोरी/गायब होने की इन घटनाओं ने मरीजों के मन में खौफ पैदा कर दिया है।
क्या अस्पताल मरीजों के इलाज के लिए है या गार्डों की गुंडागर्दी दिखाने के लिए? एक बीमार मरीज का सैंपल गायब होना और फिर उसे प्रताड़ित करना किसी अपराध से कम नहीं है।
गाजीपुर की जनता इस पूरे ‘सनसनीखेज’ घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच की मांग करता है। अगर जल्द ही इन दबंग गार्डों और लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता का सरकारी सिस्टम से भरोसा उठ जाएगा।
