वाराणसी
कॉल सेंटर से करोड़ों की ठगी का पर्दाफाश, 29 गिरफ्तार
वाराणसी में गुरुवार को पुलिस ने कॉल सेंटर चलाकर करोड़ों की ठगी करने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया। ये गिरोह शेयर मार्केट में निवेश और बड़े मुनाफे का लालच देकर लोगों को फर्जी एप डाउनलोड कराकर ठगता था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 29 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
गिरफ्तार ठगों के पास से 57 मोबाइल फोन, 9 लैपटॉप, 15 चेकबुक, 13 पासबुक, आधार कार्ड और कई सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। जांच में एक नेपाल का मोबाइल नंबर भी मिला है, जिससे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ी जुड़ने की आशंका है। पुलिस ने दोनों फर्जी कॉल सेंटरों को सील कर दिया और मोबाइल व लैपटॉप का डाटा जांच के लिए लैब को भेजा है।
डीसीपी क्राइम सरवणन टी ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से निवेश के नाम पर ठगी की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इस पर सिगरा, लक्सा थाना और जनपदीय साइबर सेल की संयुक्त टीम बनाई गई थी। छानबीन के बाद पुलिस ने दोनों कॉल सेंटरों पर छापा मारकर सभी आरोपियों को दबोच लिया।
ठग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आकर्षक विज्ञापन डालकर लोगों को शेयर मार्केट में निवेश के लिए फुसलाते थे। फिर टेली कॉलिंग के जरिए पीड़ितों को झांसा देकर उनकी बैंक डिटेल्स लेते और फर्जी एप पर निवेश कराते। शुरुआत में लाभ का आभास कराकर भरोसा दिलाते, लेकिन बाद में रकम का 40% अपने खाते में ट्रांसफर कर लेते थे।
अब तक 27 वारदात में इन कॉल सेंटरों की संलिप्तता की पुष्टि हुई है। पुलिस ने बताया कि कॉल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों को नकली नाम दिए जाते थे ताकि पहचान गुप्त रहे। भेलूपुर निवासी कृतिन यादव, मिर्जापुर निवासी धीरज बेन और अमरोहा निवासी शिवम यादव समेत 29 आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा गया।
