बलिया
जर्जर बिजली तार और खंभों से मंडरा रहा हादसे का खतरा, व्यवस्था सुधारने की उठी मांग
गोपालपुर में महिला की मौत के बाद भी नहीं बदली स्थिति, नगर से गांव तक पुराने तार और क्षतिग्रस्त खंभों को लेकर लोगों में नाराजगी
हालिया हादसे के बाद बढ़ी चिंता
रसड़ा (बलिया)। नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर विद्युत तारों तथा क्षतिग्रस्त खंभों को लेकर लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल ही में उपकेंद्र जाम के गोपालपुर गांव में एलटी तार टूटने से हुई एक महिला की मौत के बाद भी व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। लोगों ने विद्युत विभाग से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
नगर क्षेत्र में भी खतरे की आशंका
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर के प्यारेलाल चौराहा और मुंसफी तिराहा सहित कई स्थानों पर जर्जर बिजली के खंभे और सड़क के किनारे झूलते तार दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। उनका कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान इन तारों से हादसे की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी बदहाल व्यवस्था
ग्रामीणों के अनुसार सरायभारती, टीकादेवरी, जाम, सुलुई और मुड़ेरा उपकेंद्रों से जुड़े 100 से अधिक गांवों में पुराने तार और क्षतिग्रस्त खंभे लंबे समय से बदले नहीं गए हैं। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
समय रहते कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग से जर्जर तारों और खंभों को प्राथमिकता के आधार पर बदलने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते आवश्यक मरम्मत और प्रतिस्थापन नहीं किया गया तो भविष्य में गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
