बलिया
दहेज मुक्त भारत की मुहिम: 51 हजार जोड़ों का होगा सामूहिक विवाह
राष्ट्र संघ विश्व शांति मिशन की घोषणा, अगस्त में होगा पात्रता सत्यापन; योग्य जोड़ों को मिलेगा गृहस्थी का सामान
बलिया। राष्ट्र संघ विश्व शांति मिशन की ओर से आगामी 30 अक्टूबर 2026 को लखनऊ स्थित मान्यवर कांशीराम सांस्कृतिक स्थल पर 51 हजार जोड़ों के सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाएगा। इसकी जानकारी संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय कुमार यादव ने बलिया के पीडब्ल्यूडी डाक बंगले में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि यह आयोजन ‘दहेज मुक्त भारत’ अभियान के तहत किया जा रहा है।
कई राज्यों से मिला सहयोग
प्रेसवार्ता में बताया गया कि मिशन के संस्थापक निदेशक सुरेन्द्र कुमार गुप्ता के नेतृत्व में संस्था के प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न राज्यों के राज्यपालों, मुख्य सचिवों तथा गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर इस सामाजिक अभियान के लिए समर्थन प्राप्त किया है। आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों की गणमान्य हस्तियों के शामिल होने की भी संभावना जताई गई।
सत्यापन के बाद मिलेगा प्रवेश
संस्था के अनुसार सामूहिक विवाह में शामिल होने वाले जोड़ों का 1 अगस्त से 30 अगस्त 2026 तक सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन के उपरांत पात्र पाए गए जोड़ों को प्रवेश पास एवं सामग्री कार्ड जारी किया जाएगा। संस्था ने स्पष्ट किया कि बिना सत्यापन और वैध कार्ड के आयोजन स्थल पर प्रवेश तथा उपहार सामग्री उपलब्ध नहीं कराई जाएगी।
नवदंपतियों को मिलेगा गृहस्थी का सामान
आयोजकों ने बताया कि विवाह समारोह में सभी पात्र नवदंपतियों को गृहस्थी का आवश्यक सामान एवं उपहार प्रदान किए जाएंगे, जिससे वे अपने नए जीवन की शुरुआत सहज रूप से कर सकें।
दहेज प्रथा के खिलाफ अभियान
राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय कुमार यादव ने कहा कि संस्था का उद्देश्य समाज से दहेज प्रथा को समाप्त करने के साथ-साथ आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहयोग प्रदान करना है। उन्होंने यह भी कहा कि सत्यापन में फर्जी पाए जाने वाले आवेदनों को तत्काल निरस्त कर दिया जाएगा, ताकि योजना का लाभ केवल वास्तविक पात्र लोगों तक ही पहुंचे।
