मिर्ज़ापुर
जीआरपी ने ट्रेनों में चोरी करने वाले ‘सांसी गैंग’ के चार सदस्य दबोचे
पांच चोरी के मोबाइल, सोने-चांदी के आभूषण और नकदी बरामद, एसी कोच में यात्रियों को बनाते थे निशाना
मिर्जापुर। रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के अभियान के तहत जीआरपी मिर्जापुर ने अंतरराज्यीय ‘सांसी गैंग’ के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पांच चोरी के मोबाइल फोन, सोने-चांदी के आभूषण और 4,900 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों के सामान से कीमती वस्तुएं चोरी करने में सक्रिय था।
मुखबिर की सूचना पर ट्रेन से दबोचे गए आरोपी
पुलिस के अनुसार, 27 जुलाई को जीआरपी मिर्जापुर और आरपीएफ की संयुक्त टीम स्टेशन पर संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि राजगीर जनता एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 13202) के बी-2 कोच में सांसी गैंग के सदस्य मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने ट्रेन के मिर्जापुर पहुंचते ही कोच की घेराबंदी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
हरियाणा के रहने वाले हैं सभी आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुरेंद्र राजपूत, जॉनी, मुकेश कुमार और सुरेंद्र के रूप में हुई है। सभी आरोपी हरियाणा के रोहतक जिले के निवासी बताए गए हैं।
ऐसे देते थे चोरी की वारदात को अंजाम
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी 7-8 सदस्यों के समूह में ट्रेनों में यात्रा करते थे। गिरोह का एक सदस्य यात्रियों को बातचीत या उतरने के दौरान उलझाता था, जबकि दूसरा सदस्य विशेष औजार की मदद से ट्रॉली बैग या सूटकेस की चेन खोलकर मोबाइल, आभूषण और नकदी निकाल लेता था। चोरी का सामान तत्काल दूसरे साथी को सौंप दिया जाता था, जिससे किसी को शक न हो।
पुलिस के अनुसार, गिरोह विशेष रूप से एसी कोचों में परिवार के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों को निशाना बनाता था। कई बार रात में सो रहे यात्रियों के सीट के नीचे रखे सामान से भी चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया जाता था।
कई जिलों के मुकदमों से जुड़े मिले आरोपी
जीआरपी के मुताबिक, बरामद सामान मिर्जापुर, प्रयागराज, वाराणसी और फतेहपुर जीआरपी थानों में दर्ज कई चोरी के मुकदमों से संबंधित पाया गया है। बरामदगी के आधार पर संबंधित मुकदमों में भारतीय न्याय संहिता की अतिरिक्त धाराएं भी बढ़ाई गई हैं।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। अन्य संबंधित मुकदमों के विवेचकों को भी आरोपियों के रिमांड की कार्रवाई के लिए सूचित किया गया है।
