गोरखपुर
खाद्य विभाग के अधिकारियों पर व्यापारियों के उत्पीड़न का आरोप, जांच की मांग
चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय जांच की मांग की
गोरखपुर। गोरखपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग के कुछ अधिकारियों पर व्यापारियों के उत्पीड़न का आरोप लगाया है। चेम्बर अध्यक्ष संजय सिंघानिया ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच से मामले की वास्तविकता सामने आ जाएगी।
अंतिम रिपोर्ट से पहले खबर प्रकाशित कराने का आरोप
संजय सिंघानिया ने कहा कि त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि कई मामलों में नमूनों की अंतिम जांच रिपोर्ट आने से पहले ही समाचार पत्रों में नमूना लिए जाने की खबर प्रकाशित कराकर व्यापारियों की प्रतिष्ठा प्रभावित की जा रही है।
दोबारा जांच और न्यायालय जाने का अधिकार
चेम्बर अध्यक्ष ने कहा कि व्यापारियों को नमूनों की दोबारा जांच कराने का अधिकार है। इसके अलावा वे निचली अदालत से लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक अपना पक्ष रख सकते हैं। उनका कहना है कि अंतिम निर्णय से पहले किसी व्यापारी का नाम सार्वजनिक होने से उसकी सामाजिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है।
व्यापारी-बंधु बैठक में धमकी देने का आरोप
सिंघानिया ने मार्च 2026 में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई व्यापारी-बंधु बैठक का भी उल्लेख किया। उनका आरोप है कि बैठक में व्यापारियों के साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया और उन्हें ‘‘दो मिनट में ठीक कर देंगे’’ जैसी बातें कही गईं।
व्यापारियों में भय का माहौल होने का दावा
चेम्बर अध्यक्ष ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में डर का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों की कार्रवाई से कारोबारियों की सामाजिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की।
