गोरखपुर
सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले से युवा अधिवक्ताओं के सपनों को मिली नई उड़ान
न्यायिक सेवा अभ्यर्थियों में नई ऊर्जा का संचार
गोलाबाजार, गोरखपुर, 24 अगस्त। माननीय सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले से न्यायिक सेवा की तैयारी कर रहे देश के लाखों विधि स्नातक और युवा अधिवक्ताओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है। युवा अधिवक्ताओं ने सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे न्यायिक सेवा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और मील का पत्थर बताया है।
तीन वर्ष से एक वर्ष की वकालत अवधि करने पर खुशी
युवा अधिवक्ताओं का कहना है कि जज बनने के लिए अनिवार्य वकालत की अवधि को तीन वर्ष से घटाकर एक वर्ष किए जाने का फैसला युवा प्रतिभाओं के लिए नए अवसर लेकर आया है। इससे न्यायपालिका में युवा ऊर्जा, आधुनिक सोच और मेधावी प्रतिभाओं के प्रवेश का रास्ता और अधिक सुगम होगा।
समय की बचत के साथ न्याय प्रणाली को मिलेगा लाभ
अधिवक्ताओं ने कहा कि यह ऐतिहासिक निर्णय न केवल न्यायिक सेवा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के समय की बचत करेगा, बल्कि न्याय प्रणाली को और अधिक गतिशील एवं सुलभ बनाने में भी सहायक साबित होगा। इस फैसले से लंबे समय से न्यायिक सेवा में अपना भविष्य बनाने की तैयारी कर रहे युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।
युवा अधिवक्ताओं ने जताया सुप्रीम कोर्ट के प्रति आभार
माननीय उच्च न्यायालय के युवा अधिवक्ता अभिमन्यु सिंह एवं गोला तहसील के अधिवक्ता अवनीश मिश्रा सहित अन्य युवा अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के इस अभूतपूर्व और संवेदनशील निर्णय के लिए देश की सर्वोच्च अदालत के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी न्यायिक सेवा अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह फैसला युवा अधिवक्ताओं के सपनों को नई उड़ान देने वाला साबित होगा।
