गोरखपुर
सेवानिवृत्त कर्मचारियों का भव्य सम्मान, भाईचारे की मिसाल बना समारोह
माल्यार्पण, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर किया गया सम्मानित
सहजनवा/गोरखपुर। भाईचारा केवल एक शब्द नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाली वह मजबूत कड़ी है, जिसमें अपनापन, सम्मान, सहयोग और मानवता की भावना समाहित होती है। इसी भावना को चरितार्थ करते हुए भाईचारा सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण समिति, गोरखपुर की ओर से सोमवार, 24 अगस्त 2026 को बोकटा, सहजनवा स्थित श्री हरि मैरेज हॉल में वर्ष 2026 में सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के सम्मान में भव्य समारोह का आयोजन किया गया।
सम्मान पाकर भावुक हुए सेवानिवृत्त कर्मचारी
समारोह में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को माल्यार्पण, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर कर्मचारियों के चेहरों पर खुशी और आंखों में भावुकता साफ दिखाई दी। उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उनका अभिनंदन करते हुए वर्षों की सेवाओं को नमन किया।

मुख्य अतिथि सहित विशिष्ट लोगों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सीआरपीएफ से सेवानिवृत्त कपिल देव की गरिमामयी उपस्थिति रही। वहीं समिति के अध्यक्ष नरेंद्र हर, राजीव, राजेश, दयानंद, अमित राय सहित अनेक विशिष्ट एवं सम्मानित अतिथियों का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया गया।
सेवा से सम्मान तक—जीवन के अनमोल सफर को किया सलाम
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि सरकारी सेवा से सेवानिवृत्ति जीवन का अंत नहीं, बल्कि समाज और मानवता के लिए अपने अनुभवों को समर्पित करने का एक नया अध्याय है। जिन्होंने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय देश, समाज और व्यवस्था की सेवा में लगाया, उनका सम्मान करना पूरे समाज का दायित्व है।

जरूरतमंदों की मदद में भी आगे है भाईचारा ग्रुप
भाईचारा ग्रुप केवल सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सम्मान तक सीमित नहीं है, बल्कि असहाय एवं गरीब लोगों की सहायता, रक्तदान, सामाजिक सहयोग और जनकल्याण के विभिन्न कार्यों के माध्यम से समाज में सेवा और संवेदना की मिसाल कायम कर रहा है। समिति के सेवा कार्यों से आम जनमानस में विश्वास और सम्मान की भावना मजबूत हो रही है।
जहां रिश्ते खून से नहीं, इंसानियत से बनते हैं
समारोह का वातावरण पूरी तरह आत्मीयता, अपनत्व और भाईचारे से सराबोर रहा। एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े होने और जरूरतमंदों की मदद करने का संकल्प कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता रही। उपस्थित लोगों ने कहा कि समाज को ऐसी संस्थाओं और समूहों की जरूरत है, जो जाति, वर्ग और भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता को सर्वोच्च स्थान दें।

सेवा कार्यों को बताया समाज के लिए प्रेरणास्रोत
वक्ताओं ने भाईचारा समिति द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल सेवानिवृत्त कर्मचारियों के योगदान का सम्मान करते हैं, बल्कि समाज में आपसी सहयोग और मानवीय मूल्यों को भी मजबूत बनाते हैं।
समाजसेवा और भाईचारे की भावना कभी सेवानिवृत्त नहीं होती
समारोह के अंत में सभी सम्मानित अतिथियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि पद और नौकरी भले ही सेवानिवृत्त हो जाए, लेकिन समाजसेवा, इंसानियत और भाईचारे की भावना कभी सेवानिवृत्त नहीं होती।
सम्मान, संवेदना और मानवता की बनी खूबसूरत तस्वीर
भाईचारा समिति का यह सम्मान समारोह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सम्मान, संवेदना, सेवा और मानवता की एक खूबसूरत तस्वीर बनकर सामने आया। समारोह ने आपसी सहयोग और भाईचारे के साथ समाजसेवा के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान की।
