गाजीपुर
सीने में दर्द को न करें नजरअंदाज, समय पर इलाज बचा सकता है जान
हार्ट अटैक के लक्षणों को पहचानना है जरूरी, देरी पड़ सकती है भारी
गोल्डन ऑवर में उपचार मिलने से बढ़ जाती है मरीज की जीवन रक्षा की संभावना
वाराणसी। सीने में दर्द, घबराहट या अत्यधिक पसीना आने जैसे लक्षणों को सामान्य गैस या थकान समझकर नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हार्ट अटैक की स्थिति में अस्पताल पहुंचने में हुई थोड़ी सी देरी भी मरीज के लिए गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है।
कार्डिओ-डायबिटिक विशेषज्ञ एवं एमडी मेडिसिन डॉ. प्रशांत कुमार के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को सीने में दबाव या दर्द, सांस फूलना, अत्यधिक पसीना आना, मतली, घबराहट या दर्द का बाएं हाथ, कंधे, पीठ, गर्दन अथवा जबड़े तक फैलना जैसे लक्षण महसूस हों और आराम करने के बाद भी राहत न मिले, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।
हार्ट अटैक के प्रमुख चेतावनी संकेत
इन लक्षणों को गंभीरता से लें
- सीने में दबाव, दर्द या जलन
- अत्यधिक पसीना आना
- घबराहट और बेचैनी
- सांस फूलना
- मतली या उल्टी जैसा महसूस होना
- दर्द का बाएं हाथ, कंधे, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैलना
- अचानक कमजोरी या चक्कर आना
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने या घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय तत्काल अस्पताल पहुंचना चाहिए।
किन लोगों में अधिक रहता है हृदय रोग का खतरा
जोखिम कारकों को पहचानना भी जरूरी
निम्न स्थितियों में हार्ट अटैक का खतरा अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है—
- हाई ब्लड प्रेशर
- डायबिटीज
- थायरॉइड संबंधी बीमारी
- मोटापा
- बढ़ा हुआ यूरिक एसिड
- धूम्रपान या तंबाकू का सेवन
- हृदय रोग का पारिवारिक इतिहास
- सोरायसिस एवं रूमेटॉइड आर्थराइटिस जैसी पुरानी सूजन संबंधी बीमारियां “गोल्डन ऑवर” बचा सकता है जीवन शुरुआती घंटे होते हैं सबसे महत्वपूर्ण
डॉ. प्रशांत कुमार बताते हैं कि हार्ट अटैक के बाद शुरुआती कुछ घंटे यानी “गोल्डन ऑवर” बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान सही उपचार मिलने से हृदय की मांसपेशियों को होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है और मरीज के स्वस्थ होने की संभावना बढ़ जाती है।
उपचार में देरी होने पर गंभीर जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं, जो कई बार जानलेवा भी साबित होती हैं।
जनहित में अपील
सतर्क रहें, लक्षण पहचानें और तुरंत इलाज कराएं
विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि सीने में दर्द, घबराहट, सांस फूलना या अत्यधिक पसीना आने जैसी समस्याओं को कभी भी हल्के में न लें। समय पर जांच और उपचार से गंभीर खतरे से बचा जा सकता है।
