वाराणसी
सिंधी समाज की भव्य शोभायात्रा, चालीहा साहिब महोत्सव का श्रद्धा के साथ समापन
40 दिवसीय अनुष्ठान के बाद बहिराणा साहिब का विधि-विधान से विसर्जन, डोकला-छेज नृत्य ने बांधा समां
वाराणसी। पूज्य सिंधी पंचायत पांडेपुर की ओर से पांडेपुर सिंधी कॉलोनी स्थित श्री झूलेलाल मंदिर में आयोजित भगवान श्री झूलेलाल साईं का 40 दिवसीय पावन चालीहा साहिब महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हो गया। समापन अवसर पर मंदिर में विधि-विधान से पूजन-अर्चन, दीपदान और पल्लव वंदना के बाद बहिराणा साहिब का विसर्जन किया गया। इसके बाद निकली भव्य शोभायात्रा में बड़ी संख्या में सिंधी समाज के लोग शामिल हुए।

40 दिनों तक चला आस्था और भक्ति का अनुष्ठान
सिंधी समाज की धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चालीहा साहिब के दौरान श्रद्धालु 40 दिनों तक व्रत, सात्विक आहार का पालन, अखंड ज्योत प्रज्वलित रखने, बहिराणा साहिब, लोटी पूजन और पल्लव प्रार्थना जैसे धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। इसी परंपरा के तहत श्रद्धालुओं ने पूरे 40 दिनों तक भगवान श्री झूलेलाल के प्रति अपनी आस्था और श्रद्धा प्रकट की।
मंदिर में विधि-विधान से हुआ पूजन-अर्चन
महोत्सव के समापन अवसर पर श्री झूलेलाल मंदिर के दिव्य दरबार में भगवान झूलेलाल के साथ श्रीराम-जानकी, मां दुर्गा, श्रीराधा-कृष्ण, शिवलिंग, नंदी और श्रीगणेश की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान बहिराणा साहिब, अखंड ज्योत, कलश तथा हवन कुंड में बोए गए जवारों का भी श्रद्धापूर्वक पूजन किया गया। दीपदान और पल्लव वंदना के बाद श्रद्धालुओं ने पल्लव ग्रहण किया और बहिराणा साहिब का विधि-विधान से विसर्जन किया।

‘आय लाल सबई चवो झूलेलाल’ के जयघोष से गूंजा मार्ग
वरिष्ठ मुखी भावन दास आहूजा ने ध्वजा उठाकर भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ किया। शोभायात्रा जैसे ही आगे बढ़ी, ‘आय लाल सबई चवो झूलेलाल’ के जयघोष से कचहरी-वरुणा मार्ग गूंज उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्ति गीतों और जयकारों के साथ शोभायात्रा में शामिल हुए।
वरुणा कॉरिडोर पर हुई महाआरती और पुष्प वर्षा
शोभायात्रा वरुणा कॉरिडोर पहुंची, जहां मां गंगा और वरुणा की महाआरती की गई। श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव से आरती में भाग लिया। इस दौरान पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया। धार्मिक वातावरण और श्रद्धालुओं की मौजूदगी से पूरा क्षेत्र भक्तिमय नजर आया।
पारंपरिक डोकला-छेज नृत्य ने मोहा मन
शोभायात्रा के दौरान भजनों की मधुर धुनों के बीच मातृ मंडली की लक्ष्मी लोकवानी, उषा राजवानी, सुमित्रा आहूजा और पारी देवी ने पारंपरिक डोकला-छेज नृत्य प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। भक्ति गीतों की धुन पर श्रद्धालु भी झूमते नजर आए और पूरे माहौल में सिंधी संस्कृति की अनूठी छटा दिखाई दी।
भंडारे और प्रसाद वितरण में जुटा सिंधी समाज
आयोजन को सफल बनाने में हरी लाल राजवानी, बद्री सुहाला, दिलीप लोकवानी, विजय लोकवानी, दिनेश चंदानी, रवि घावरी, अजय लोकवानी, बंटी लालवानी, धीरज राजवानी, सतीश माखीजा, सोनू साधवानी और घनश्याम लोकवानी सहित बड़ी संख्या में समाज के लोगों का सहयोग रहा। सिंधी कॉलोनी पंचायत की ओर से श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया, जबकि संत कंवर राम युवा समिति ने मीठे प्रसाद के डिब्बे वितरित किए।
सिगरा, अमर नगर और लक्सा में भी हुआ चालीहा साहिब का समापन
इसी क्रम में वाराणसी के सिगरा, अमर नगर और लक्सा स्थित मंदिरों में भी श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ 56 भोग लगाकर चालीहा साहिब महोत्सव का समापन किया गया। 40 दिनों तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान के समापन पर सिंधी समाज में उत्साह और भक्ति का विशेष माहौल देखने को मिला।
