वाराणसी
डेढ़ घंटे में जलजमाव खत्म, 11 प्रमुख मार्गों से हटाए गए गिरे पेड़
वाराणसी। शहर में रातभर हुई मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के बाद उत्पन्न जलजमाव व यातायात संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए नगर निगम पूरी तरह सक्रिय रहा। बारिश थमते ही महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल स्वयं धरातल पर उतरे और शहर के विभिन्न इलाकों का निरीक्षण किया। नगर निगम के अनुसार, त्वरित कार्रवाई के चलते बारिश रुकने के करीब एक से डेढ़ घंटे के भीतर अधिकांश क्षेत्रों से जलजमाव समाप्त कर यातायात व्यवस्था सामान्य कर दी गई।

11 प्रमुख मार्गों पर गिरे पेड़ हटाकर रास्ता कराया गया साफ
रातभर हुई तेज बारिश और हवाओं के कारण शहर के 11 प्रमुख मार्गों पर पेड़ गिरने से आवागमन बाधित हो गया था। नगर निगम की टीमों ने सुंदरपुर, सुसवाही, संसदीय कार्यालय के पास, आदमपुर पुलिस चौकी के पास, आदमपुर वार्ड, लक्ष्मी मंदिर स्थित अशोक विहार कॉलोनी में दो स्थानों तथा आशापुर से हवेलियां चौराहा तक तीन स्थानों पर गिरे पेड़ों की कटाई कर रास्ता साफ कराया। सड़कों से लकड़ियां हटाने का कार्य भी युद्धस्तर पर चलाया गया।

महापौर ने रविंद्रपुरी समेत कई क्षेत्रों में संभाली कमान
जलजमाव की गंभीर स्थिति को देखते हुए महापौर अशोक कुमार तिवारी ने जलकल विभाग के अधिकारियों के साथ स्वयं मोर्चा संभाला। उन्होंने रविंद्रपुरी समेत कई प्रमुख क्षेत्रों का निरीक्षण किया और अपनी मौजूदगी में जल निकासी का कार्य कराया। इस दौरान जलकल विभाग के महाप्रबंधक अनूप सिंह और अधिशासी अभियंता आगम कटियार समेत अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

नगर आयुक्त ने कचहरी से बीएचयू गेट तक किया निरीक्षण
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सुबह शहर के अधिक प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कचहरी से तहसील सदर, गिलट बाजार, नदेसर, अंधरापुल, सिगरा, रथयात्रा, गुरुबाग, भेलूपुर, ब्रॉडवे होटल से रविंद्रपुरी और बीएचयू गेट तक का दौरा किया। कई स्थानों पर उन्होंने स्वयं मौजूद रहकर गली-पिट्स और नालियों में जमा कचरा व सिल्ट हटवाया।

जलभराव की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश
निरीक्षण के बाद नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फोन या अन्य माध्यमों से मिलने वाली जलभराव की शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया जाए। अधिकारियों से स्वयं मौके पर पहुंचकर समस्या के मूल कारण का पता लगाने और त्वरित जल निकासी सुनिश्चित कराने को कहा गया। नगर निगम की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
