भदोही
सरकारी जमीन बचाने के लिए कटोरा लेकर पहुंचे अधिवक्ता, राजस्व रिकॉर्ड की जांच की मांग
तहसील भदोही और डिस्ट्रिक्ट बार ज्ञानपुर में किया अनोखा प्रदर्शन, करीब 600 बीघा जमीन में हेराफेरी का लगाया आरोप
भदोही। जिले में सरकारी जमीन की कथित हेराफेरी के विरोध में एक अधिवक्ता ने अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया। अधिवक्ता विनोद कुमार सोनकर शुक्रवार को तहसील भदोही और डिस्ट्रिक्ट बार ज्ञानपुर में हाथ में कटोरा लेकर पहुंचे और सरकारी जमीन बचाने के लिए भीख मांगी। उनके इस प्रदर्शन की अधिवक्ताओं और फरियादियों के बीच चर्चा रही।
अधिवक्ता विनोद सोनकर का आरोप है कि जिले में करीब 600 बीघा सरकारी और नजूल भूमि में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गई है। उनके मुताबिक इस जमीन की बाजार कीमत करीब 3,200 करोड़ रुपये है। आरोप है कि राजस्व अभिलेखों में कथित छेड़छाड़ कर सरकारी जमीन को निजी लोगों के नाम दर्ज कर दिया गया।
सोनकर का कहना है कि उन्होंने इस मामले को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की है और शासन-प्रशासन को लिखित शिकायतें भी दी हैं। इसके बावजूद अब तक उनके अनुसार कोई ठोस जांच या कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के विरोध में उन्होंने शुक्रवार को कटोरा लेकर तहसील परिसर और डिस्ट्रिक्ट बार ज्ञानपुर में प्रदर्शन किया।
उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान जो भी रकम एकत्र होगी, उसका इस्तेमाल शिकायत पत्र तैयार कराने और मामले की जांच के लिए अधिकारियों के कार्यालयों तक आने-जाने में होने वाले वाहन खर्च में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन बचाने के लिए धन की जरूरत है तो एकत्र पूरी राशि प्रशासन को सौंप दी जाएगी। यदि प्रशासन राशि स्वीकार नहीं करता है तो उसे मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराया जाएगा।
अधिवक्ता ने पूरे मामले में राजस्व अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी जमीन जनता की संपत्ति है और उसके संरक्षण के लिए प्रभावी जांच जरूरी है।
हालांकि, सरकारी और नजूल भूमि में कथित हेराफेरी तथा 600 बीघा जमीन से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस विवरण में नहीं है। मामले में राजस्व अभिलेखों की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
