भदोही
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना से हुनर को मिला सम्मान, 4,375 को रोजगार
5,150 लाभार्थियों को मिला प्रशिक्षण, निःशुल्क टूलकिट और आर्थिक सहायता से आत्मनिर्भरता को मिली नई दिशा
भदोही, 20 सितंबर। सेवा संकल्प अभियान के तहत जनपद में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से परंपरागत हुनर से जुड़े कारीगरों और श्रमिकों को प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता तथा आवश्यक औजारों की टूलकिट उपलब्ध कराई जा रही है। जिलाधिकारी शैलेष कुमार के मार्गदर्शन में पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ने और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
वित्तीय वर्ष 2018-19 से 2021-22 तक योजना के तहत 2,025 लाभार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रत्येक लाभार्थी को ₹4,000 की आर्थिक सहायता के साथ आवश्यक औजारों की टूलकिट उपलब्ध कराई गई। इस चरण में प्रशिक्षण प्राप्त सभी 2,025 लाभार्थियों को रोजगार मिलने की जानकारी दी गई है।
वहीं वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2025-26 के अगस्त माह तक 3,125 लाभार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इन्हें भी ₹4,000 की आर्थिक सहायता और टूलकिट उपलब्ध कराई गई। इस अवधि में प्रशिक्षण प्राप्त 2,350 लाभार्थियों को रोजगार प्राप्त हुआ।
इस प्रकार वित्तीय वर्ष 2018-19 से 2025-26 के अगस्त तक जनपद में कुल 5,150 लाभार्थियों को प्रशिक्षण और 4,375 को रोजगार मिला। योजना के तहत प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध होने से कारीगरों को अपने पारंपरिक कार्य को आगे बढ़ाने तथा स्वरोजगार के अवसर तैयार करने में मदद मिली।
सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से पात्र लोगों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने और उनका लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। निःशुल्क टूलकिट से कारीगरों को अपने कार्य के लिए आवश्यक औजार उपलब्ध हुए हैं।
जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने कहा कि व्यक्ति का हुनर उसकी सबसे बड़ी पूंजी है। सरकार की योजनाओं के माध्यम से हुनर को प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता और संसाधन उपलब्ध कराकर रोजगार एवं आत्मनिर्भरता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उनका लाभ पात्र व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए।
