चन्दौली
विकास की पोल खुली: लाखों की सीसी रोड बनी तालाब, जलभराव से परेशान व्यापारियों ने खुद उठाई झाड़ू
सकलडीहा (चन्दौली)। सकलडीहा कस्बे में विकास के बड़े-बड़े दावों की उस समय पोल खुलती नजर आई, जब लाखों रुपये की लागत से बनी मुख्य सीसी सड़क पहली ही बारिश में तालाब में तब्दील हो गई। सड़क निर्माण के बाद भी जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से कई स्थानों पर गंदा पानी और कीचड़ जमा हो गया है। नारकीय हालात से परेशान स्थानीय व्यापारियों ने प्रशासन और नगर निकाय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए खुद ही झाड़ू और तसले लेकर दुकानों के सामने सफाई शुरू कर दी।
सीसी रोड बनी, लेकिन जल निकासी की व्यवस्था नहीं हुई दुरुस्त
व्यापारियों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग और ठेकेदार ने सीसी रोड का निर्माण तो करा दिया, लेकिन बारिश के पानी की निकासी के लिए नालियों को दुरुस्त नहीं किया गया। सड़क का लेवल नालियों से ऊंचा होने के कारण पानी का बहाव बाधित हो रहा है और दुकानों के सामने गंदा पानी जमा हो रहा है। इससे स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों को रोजाना भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
गंदे पानी और बदबू से संक्रामक बीमारियों का खतरा
कई दिनों से सड़क पर जमा गंदे पानी और कीचड़ के कारण पूरी मार्केट में बदबू फैल रही है। स्थानीय लोगों ने संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका जताई है। विशेष रूप से सकरी अंबेडकर मूर्ति से इंटर कॉलेज की ओर जाने वाले मार्ग पर जगह-जगह जलभराव की स्थिति बनी रहती है, जिससे आवागमन भी प्रभावित हो रहा है।
ग्राहकों का दुकानों तक पहुंचना मुश्किल, व्यापार पर पड़ा असर
जलभराव के कारण ग्राहकों का दुकानों तक पहुंचना दूभर हो गया है। व्यापारियों का कहना है कि पिछले कई दिनों से इस समस्या का सीधा असर उनके कारोबार पर पड़ रहा है और बिक्री में गिरावट आई है। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, बार-बार शिकायत करने के बावजूद सफाई के लिए कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे नाराज दुकानदारों ने खुद झाड़ू और तसले उठाकर सड़क की सफाई की और जमा पानी की निकासी के लिए रास्ता बनाया।
समस्या का समाधान नहीं हुआ तो बाजार बंद और आंदोलन की चेतावनी
व्यापारियों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने, नालियों की सफाई कराने और आवश्यकतानुसार उन्हें चौड़ा करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो व्यापारी उग्र आंदोलन और बाजार बंद करने को मजबूर होंगे।
