गाजीपुर
मानदेय समेत विभिन्न मांगों को लेकर पंचायत सहायकों का अंतिम ज्ञापन अभियान
विकास भवन से कलेक्ट्रेट तक प्रदर्शन, 15 सितंबर से कार्य बहिष्कार की चेतावनी
स्थायी सेवा नियमावली, मानदेय वृद्धि और आरक्षण सहित कई मांगें उठाईं
गाजीपुर। पंचायत सहायक कल्याण समिति उत्तर प्रदेश, जनपद गाजीपुर के बैनर तले पंचायत सहायकों ने अपनी लंबित मांगों के समर्थन में अंतिम ज्ञापन अभियान चलाया। इस दौरान पंचायत सहायकों ने विकास भवन से जिला अधिकारी कार्यालय तक पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और अपनी समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।

जिलाध्यक्ष भीम प्रजापति के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में पंचायत सहायकों ने कहा कि वे लंबे समय से ग्राम पंचायतों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन उन्हें न तो पर्याप्त मानदेय मिल रहा है और न ही आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मानदेय बढ़ाने और सेवा सुरक्षा की मांग
पंचायत सहायकों ने मांग की कि उनका मानदेय ग्राम पंचायत सचिव के समकक्ष किया जाए अथवा कम से कम प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम कुशल मजदूरी के बराबर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही संविदा व्यवस्था समाप्त कर स्थायी सेवा नियमावली लागू करने की भी मांग उठाई गई।

उन्होंने ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी के रिक्त पदों पर होने वाली भर्तियों में पंचायत सहायकों को 50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग भी की।
महिला कर्मचारियों और कल्याणकारी योजनाओं पर भी जोर
ज्ञापन में विवाह उपरांत महिला पंचायत सहायकों के लिए स्थानांतरण एवं समायोजन नीति लागू करने तथा पंचायत सहायकों एवं उनके परिवारों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने की मांग भी शामिल रही।
पंचायत सहायकों ने कहा कि इससे कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा मिलेगी और वे अधिक प्रभावी ढंग से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।

विभागीय सुविधाओं की भी उठाई मांग
पंचायत सहायकों ने कार्य निष्पादन के लिए मोबाइल फोन उपलब्ध कराने, इंटरनेट एवं स्टेशनरी के लिए अलग बजट निर्धारित करने, पंचायत सहायक पोर्टल को शीघ्र शुरू करने, गैर विभागीय कार्यों से मुक्ति दिलाने तथा आधिकारिक परिचय पत्र जारी करने की मांग की।
मांगें पूरी न होने पर कार्य बहिष्कार की चेतावनी
पंचायत सहायकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 15 सितंबर से प्रदेशभर के पंचायत सहायक पूर्ण कार्य बहिष्कार करने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
ज्ञापन अभियान के दौरान बड़ी संख्या में पंचायत सहायक मौजूद रहे और अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता का प्रदर्शन किया।
