गाजीपुर
बोर्ड मूल्यांकन के दो माह बाद भी परीक्षकों को पारिश्रमिक का इंतजार
बजट के अभाव में लंबित पड़ी हैं भुगतान की फाइलें, शिक्षकों में बढ़ रही नाराजगी
मूल्यांकन कार्य समय पर पूरा, लेकिन भुगतान प्रक्रिया में देरी से परीक्षक परेशान
नंदगंज/गाजीपुर। यूपी बोर्ड हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य समय से पूरा कराने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा परीक्षकों पर लगातार दबाव बनाया जाता है। निर्धारित समय सीमा में मूल्यांकन कार्य पूरा भी करा लिया जाता है, लेकिन पारिश्रमिक भुगतान के मामले में विभागीय उदासीनता सामने आ रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य अप्रैल के प्रथम सप्ताह में ही पूरा हो गया था। मूल्यांकन समाप्त हुए दो माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक परीक्षकों को उनके पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया गया है।
बजट न मिलने से अटका भुगतान
मूल्यांकन केंद्र से जुड़े एक कर्मचारी के अनुसार अभी तक बोर्ड की ओर से भुगतान के लिए आवश्यक बजट उपलब्ध नहीं कराया गया है। बजट के अभाव में मूल्यांकन करने वाले परीक्षकों के पारिश्रमिक से संबंधित बिलों की फाइलें लंबित पड़ी हुई हैं।
उन्होंने बताया कि बजट प्राप्त होते ही भुगतान प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी, लेकिन फिलहाल इस संबंध में कोई स्पष्ट समय-सीमा तय नहीं है।
शिक्षकों ने जताई नाराजगी
परीक्षकों का कहना है कि मूल्यांकन कार्य के दौरान शिक्षा अधिकारियों द्वारा जल्द से जल्द उत्तर पुस्तिकाओं की जांच पूरी कराने पर विशेष जोर दिया जाता है। कई बार अतिरिक्त समय देकर और दबाव में कार्य पूरा कराया जाता है, लेकिन भुगतान के समय प्रक्रिया बेहद धीमी हो जाती है।
शिक्षकों का कहना है कि समय पर पारिश्रमिक न मिलने से उनमें नाराजगी बढ़ रही है। उनका मानना है कि जिस तत्परता से मूल्यांकन कार्य पूरा कराया जाता है, उसी गंभीरता से पारिश्रमिक भुगतान भी किया जाना चाहिए।
शीघ्र बजट जारी करने की मांग
परीक्षकों ने यूपी बोर्ड और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि लंबित पारिश्रमिक भुगतान के लिए जल्द से जल्द बजट उपलब्ध कराया जाए, ताकि भुगतान प्रक्रिया पूरी हो सके।
उन्होंने कहा कि पारिश्रमिक मिलने में लगातार हो रही देरी से शिक्षकों में आक्रोश बढ़ रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो इस मुद्दे को लेकर व्यापक स्तर पर आवाज उठाई जा सकती है।
