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पीएम मोदी-सीएम योगी ने घटाई फ्लीट, कार पूलिंग, मेट्रो और ईवी को बढ़ावा
ODOP, GI टैग और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने पर योगी सरकार का फोकस
नई दिल्ली/लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईंधन बचत और सरकारी खर्च में कटौती को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या 50 प्रतिशत तक कम करने का निर्देश दिया है। प्रधानमंत्री ने स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) को सुरक्षा के ब्लू बुक नियमों का पालन करते हुए काफिले को छोटा करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद उत्तर प्रदेश सरकार भी सक्रिय हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों की फ्लीट में 50 प्रतिशत तक कमी करने के निर्देश जारी किए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईंधन की बचत और सरकारी खर्च में कटौती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अपने काफिले में वाहनों की संख्या घटाने का निर्णय लिया है। हाल के दिल्ली से बाहर के दौरों में प्रधानमंत्री का काफिला पहले की तुलना में छोटा दिखाई दिया। प्रधानमंत्री ने काफिले में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने की इच्छा भी जताई है, हालांकि इसके लिए नई गाड़ियों की खरीद कर अतिरिक्त सरकारी खर्च बढ़ाने से मना किया गया है।
प्रधानमंत्री के काफिले में मर्सिडीज-मेबैक S650 गार्ड, रेंज रोवर सेंटिनल, टोयोटा फॉर्च्यूनर और टोयोटा लैंड क्रूजर जैसी गाड़ियां शामिल रहती हैं। इसके अलावा एक दर्जन अन्य वाहन, जैमर गाड़ी और डमी कार भी काफिले का हिस्सा होती हैं। प्रधानमंत्री की सुरक्षा में करीब 100 जवान तैनात रहते हैं, जबकि SPG के करीब 24 कमांडो चार-स्तरीय सुरक्षा घेरे में हमेशा उनके आसपास मौजूद रहते हैं। अब प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद SPG सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए वाहनों की संख्या कम करेगी।
प्रधानमंत्री मोदी की इस पहल को सरकारी फिजूलखर्ची कम करने और ईंधन बचत की दिशा में बड़ा संदेश माना जा रहा है। सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में भी इसको लेकर चर्चा तेज हो गई है। कर्मचारियों को मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग के लिए प्रेरित करने, अधिकारियों के बीच कार शेयरिंग बढ़ाने और गैरजरूरी यात्राओं तथा बड़े आयोजनों से बचने जैसे सुझावों पर विचार किया जा रहा है।
हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रियों की बैठक में भी ईंधन की खपत कम करने पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद और गुजरात दौरों के दौरान भी देशवासियों से ईंधन और सोने की खपत कम करने की अपील की थी। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के प्रभावित होने की आशंका के बीच प्रधानमंत्री ने लोगों से संसाधनों के संयमित उपयोग का आग्रह किया है।
इधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री के आह्वान से जुड़ने की अपील करते हुए ईंधन की खपत कम करने और अनावश्यक सोने की खरीद से बचने को कहा। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव, डीजीपी और सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिवों के साथ बैठक में निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों की फ्लीट में तत्काल 50 प्रतिशत की कमी की जाए तथा अनावश्यक वाहनों को हटाया जाए।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में वर्क फ्रॉम होम संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए पीएनजी, मेट्रो, सार्वजनिक परिवहन और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों के अधिक उपयोग की अपील की। उन्होंने सरकारी बैठकों, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस और वर्कशॉप को वर्चुअल माध्यम से आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधि सप्ताह में एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। साथ ही सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि इस अभियान से सरकारी कर्मचारियों, विद्यार्थियों और समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ा जाए। औद्योगिक विकास विभाग और आईआईडीसी को बड़े संस्थानों और स्टार्टअप्स में वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने पीक ऑवर में ईंधन की खपत कम करने के लिए कार्यालय समय को अलग-अलग बैचों में बांटने का सुझाव दिया। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन, साइक्लिंग, कार पूलिंग और ईवी के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही बिजली बचत, सार्वजनिक साइकिलिंग शेयरिंग योजना, स्वदेशी उत्पादों के उपयोग, खाद्य तेल की खपत कम करने और रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने की अपील भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पीएनजी नेटवर्क का विस्तार मिशन मोड में किया जाए और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने स्थानीय उत्पादों, ओडीओपी और जीआई टैग प्राप्त वस्तुओं को बढ़ावा देने पर भी विशेष बल दिया।
