गाजीपुर
जल निकासी की बदहाल व्यवस्था से ग्रामीण बेहाल, सड़कों पर बह रहा गंदा पानी
बसहीं (मखदुमपुर) में नालियां जाम, कीचड़ और जलभराव से बढ़ा संक्रामक बीमारियों का खतरा
ग्रामीणों ने उठाई स्थायी समाधान की मांग, एडीओ पंचायत ने जल्द कार्रवाई का दिया भरोसा
भीमापार (गाजीपुर)। सादात विकासखंड की ग्राम पंचायत बसहीं (मखदुमपुर) में जल निकासी की समस्या ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। गांव के कई रास्तों पर गंदा पानी और कीचड़ जमा होने से दुर्गंध फैल रही है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में जल निकासी के लिए पर्याप्त नालियों का निर्माण नहीं कराया गया है। जो नालियां बनी हैं, वे लंबे समय से सफाई और रखरखाव के अभाव में जाम पड़ी हैं। इसके कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है और लोगों को आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
बच्चों और बुजुर्गों को हो रही सबसे अधिक परेशानी
गांव निवासी प्रदीप कुमार प्रजापति ने बताया कि लक्खन प्रजापति के घर से आमिर अहमद के घर तक जाने वाले मार्ग पर हमेशा गंदा पानी, कीचड़ और कचरा जमा रहता है। इसी रास्ते से छोटे बच्चे विद्यालय आते-जाते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
वहीं कृष्णा मोदनवाल ने कहा कि शासन की ओर से संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाकर साफ-सफाई पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन बसहीं ग्राम पंचायत की कई बस्तियों में जलभराव और गंदगी की समस्या बनी हुई है।
पोस्टर लेकर ग्रामीणों को जागरूक कर रहे समाजसेवी
जल निकासी की समस्या को लेकर समाजसेवी प्रदीप कुमार प्रजापति पिछले कई दिनों से हाथ में पोस्टर लेकर गांव की गलियों में घूमकर ग्रामीणों को स्वच्छता और जल निकासी के प्रति जागरूक कर रहे हैं। अब गांव के अन्य लोग भी उनके अभियान में सहयोग कर रहे हैं।
इस समस्या से प्रदीप प्रजापति, श्यामजी प्रजापति, मोतीलाल प्रजापति, तारकनाथ तिवारी, जवाहर प्रजापति, श्यामदेव प्रजापति, संदीप प्रजापति, नीरज तिवारी, राजेंद्र विश्वकर्मा, बीना विश्वकर्मा, राजेश विश्वकर्मा, अजय प्रजापति सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण प्रभावित हैं।
जल्द समाधान का दिया आश्वासन
इस संबंध में एडीओ पंचायत इरसाद जाफर ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। सचिव और ग्राम प्रधान से वार्ता कर जल्द ही जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन शीघ्र कदम उठाकर समस्या का स्थायी समाधान करेगा।
