वाराणसी
जमीन दिलाने के नाम पर 38 लाख की कथित ठगी
सात लोगों पर मुकदमा दर्ज, चितईपुर पुलिस ने शुरू की जांच
वाराणसी| चितईपुर थाना क्षेत्र में जमीन दिलाने के नाम पर 38 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
56 लाख में तय हुआ था जमीन का सौदा
पीड़ित बृजेश कुमार पाठक, जो वर्तमान में लहरतारा स्थित शिवपुरवा के निवासी हैं तथा मूल रूप से बिहार के रोहतास जिले के सासाराम के रहने वाले हैं, ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वर्ष 2023 में उनकी मुलाकात कुछ लोगों से हुई थी। आरोपियों ने चितईपुर थाना क्षेत्र की वैष्णो विहार कॉलोनी में जमीन दिलाने का भरोसा दिलाया।
शिकायत के अनुसार जमीन का सौदा 56 लाख रुपये में तय हुआ था। आरोप है कि आरोपियों ने विभिन्न किस्तों में उनसे 38 लाख रुपये ले लिए और जल्द रजिस्ट्री एवं कब्जा दिलाने का आश्वासन दिया।
न कब्जा मिला, न हुई रजिस्ट्री
पीड़ित का आरोप है कि तय समय बीत जाने के बावजूद न तो जमीन का कब्जा मिला और न ही उसकी रजिस्ट्री कराई गई। जब उन्होंने अपने रुपये वापस मांगे या रजिस्ट्री की मांग की, तो आरोपी टालमटोल करने लगे।
काफी प्रयासों के बावजूद समाधान न मिलने पर पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से शिकायत की और प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई।
सात आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
मामले की गंभीरता को देखते हुए चितईपुर पुलिस ने निम्न आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है—
- विपिन बिहारी श्रीवास्तव
- अंशु आलोक
- प्रिंस आलोक
- मंजू सिन्हा
- गीता सिन्हा
- नित्या प्रिया
- अभिषेक कुमार सिंह (निवासी रोहतास, बिहार)
इन सभी के विरुद्ध धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस कर रही सभी पहलुओं की जांच
थाना प्रभारी राकेश कुमार गौतम ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों, साक्ष्यों और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जमीन खरीदते समय बरतें सतर्कता
यह मामला एक बार फिर जमीन खरीद-फरोख्त के दौरान पूरी सावधानी बरतने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी संपत्ति का सौदा करने से पहले दस्तावेजों का सत्यापन, स्वामित्व की जांच और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना बेहद आवश्यक है।
