गाजीपुर
छात्र नेताओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और अवैध होटलों पर कार्रवाई की मांग
जिलाधिकारी से मिला छात्र नेताओं, अधिवक्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधिमंडल
वैश्यावृत्ति के आरोपित होटलों के खिलाफ विधिक कार्रवाई तथा फर्जी मुकदमे निरस्त करने की उठाई मांग
गाजीपुर। छात्र नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला से मुलाकात कर छात्र नेताओं पर दर्ज कथित फर्जी मुकदमों को वापस लेने तथा अवैध गतिविधियों में संलिप्त बताए जा रहे होटलों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा।
वर्ष 2023 की घटना का दिया हवाला
प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को बताया कि वर्ष 2023 में दिल्ली की एक नाबालिग युवती के साथ कथित गैंगरेप की घटना सामने आई थी, जिसमें शहर के दो होटलों का नाम चर्चा में आया था। उस समय छात्र नेताओं ने मामले को लेकर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा था, जिसके बाद पुलिस द्वारा संबंधित प्रकरण में मुकदमा दर्ज कर जांच की गई थी।
ज्ञापन में दावा किया गया कि जांच के दौरान संबंधित होटलों में अवैध गतिविधियों के संचालन संबंधी तथ्य सामने आए थे और मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है।
छात्र नेताओं पर प्रतिशोधवश मुकदमा दर्ज कराने का आरोप
प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि उक्त प्रकरण को उठाने के कारण होटल संचालकों ने छात्र नेताओं से रंजिश रखते हुए उनके खिलाफ लगातार शिकायतें कीं। ज्ञापन में कहा गया कि पूर्व में भी छात्र नेताओं पर रंगदारी और धमकी जैसे आरोप लगाए गए थे, जिनकी जांच में शिकायतों को निराधार पाया गया था।
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि 10 जून 2026 को छात्र नेता शशांक उपाध्याय, दीपक उपाध्याय, अभिषेक राय और संदीप राय के खिलाफ दर्ज मुकदमा भी इसी श्रृंखला का हिस्सा है और इसे निरस्त किया जाना चाहिए।
अवैध होटल संचालन की जांच की मांग
ज्ञापन में कुछ होटल संचालकों पर बिना आवश्यक मानकों और अनुमति के संचालन, नियमों के उल्लंघन तथा अवैध गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप लगाए गए। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने की मांग की।
आंदोलन की चेतावनी
प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से कहा कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच कर न्यायोचित कार्रवाई नहीं की गई तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून का दुरुपयोग कर किसी भी नागरिक या छात्र नेता को प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए।
जिलाधिकारी ने दिया निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच कर न्यायसंगत एवं निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल में रहे शामिल
इस दौरान पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष अंकित राय, पूर्व छात्रसंघ महामंत्री अंकित राय, अमरनाथ राय, प्रवीण दुबे, देवेश राय, ओजस्व साहू, अमृतांश बिंद, विकास यादव, निलेश बिंद, विकास तिवारी, रोशन सिंह, प्रकाश राय, संतोष कुमार, शिवम, राजू पांडेय, अंकित सिंह, अविनिश सिंह सहित अन्य छात्र नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
