गाजीपुर
गाजीपुर में बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारी परखी गई, पांच तहसीलों में हुआ राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल
41 जनपदों के साथ गाजीपुर में भी चला आपदा प्रबंधन का विशेष अभ्यास
गाजीपुर। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देश पर प्रदेश के 41 बाढ़ संवेदनशील जनपदों में राज्य स्तरीय बाढ़ मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। इसी क्रम में गाजीपुर जनपद की पांच बाढ़ प्रभावित तहसीलों—सदर, सैदपुर, जमानियां, मुहम्मदाबाद एवं सेवराई—में बाढ़ पूर्व तैयारियों का व्यापक अभ्यास किया गया।

सदर तहसील में मकान ध्वस्त और बच्चों के डूबने की घटना का किया गया अभ्यास
सदर तहसील के पोस्ता घाट पर गंगा नदी में बाढ़ की काल्पनिक स्थिति बनाकर क्षतिग्रस्त मकान से लोगों को सुरक्षित निकालने तथा नदी में डूब रहे तीन बच्चों का रबर बोट के माध्यम से सफल रेस्क्यू किया गया। सभी प्रभावितों को राहत शिविर में पहुंचाकर स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
सैदपुर में डायरिया एवं फूड प्वाइजनिंग से बचाव का प्रदर्शन
फुलवारी कला गांव में बाढ़ के बाद फैलने वाली बीमारियों को ध्यान में रखते हुए डायरिया एवं फूड प्वाइजनिंग से बचाव की मॉक ड्रिल की गई। प्रभावित मरीजों को एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाने, क्लोरीन की गोलियां और ओआरएस वितरित करने के साथ व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया गया।

जमानियां में वैकल्पिक मार्ग संचालन का अभ्यास
प्राथमिक विद्यालय सोनवल क्षेत्र में बाढ़ के कारण रेलवे स्टेशन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभावित होने की स्थिति में वैकल्पिक मार्गों के संचालन का अभ्यास किया गया। रेलवे, एनएचएआई और पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से रोड डायवर्जन का सफल परीक्षण किया।
मुहम्मदाबाद में नाव दुर्घटना और कटान प्रभावित गांवों का कराया गया रेस्क्यू
कोयला घाट क्षेत्र में नाव दुर्घटना की काल्पनिक स्थिति बनाकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। वहीं कटान प्रभावित गांवों को खाली कराकर राहत शिविरों में स्थानांतरित करने, राहत सामग्री वितरण तथा विभागीय कैंपों की व्यवस्था का प्रदर्शन किया गया।

सेवराई में राहत शिविर और अग्निकांड से बचाव का प्रदर्शन
रेवतीपुर स्थित नेहरू विद्यापीठ इंटर कॉलेज में राहत शिविर संचालन, पशुओं एवं लोगों के सुरक्षित पुनर्वास तथा गैस सिलेंडर में लगी आग को बुझाने की मॉक ड्रिल की गई। अग्निशमन विभाग और स्थानीय लोगों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया।
एनडीआरएफ और प्रशासन ने दिखाई तत्परता
दोपहर तक चले इस अभ्यास में गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष राहत व्यवस्थाओं का भी प्रदर्शन किया गया। एनडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग, आपूर्ति विभाग एवं राजस्व विभाग ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया।
कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी सदर रवीश कुमार, एनडीआरएफ के सहायक कमांडेंट राम भुवन यादव, तहसीलदार राजीव यादव, नायब तहसीलदार विजयकांत पांडेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, आपदा मित्र एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन आपदा विशेषज्ञ अशोक राय ने किया।
