गाजीपुर
गाजीपुर में डूबने से होने वाली मौतों पर सख्ती, 15 दिन में संवेदनशील घाटों पर लगेंगे सुरक्षा बैरियर
डीएम के कड़े निर्देश—खतरनाक घाटों पर गोताखोर, चेतावनी बोर्ड और पुलिस गश्त जरूरी; लापरवाही पर एसडीएम होंगे जिम्मेदार
गाजीपुर, 20 अगस्त। जनपद में नदी, तालाब और अन्य जलाशयों में डूबने से लगातार हो रही जनहानि की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को व्यापक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विशेष रूप से बारिश के मौसम और आगामी पर्व-त्योहारों के दौरान घाटों पर बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील और दुर्घटना संभावित स्थलों पर पहले से पुख्ता इंतजाम करने को कहा है।
गाजीपुर में गंगा नदी की करीब 95 किलोमीटर लंबी धारा के अलावा हजारों तालाब और अन्य जलाशय हैं। ऐसे में प्रशासन ने प्रत्येक तहसील में डूबने की घटनाओं वाले और दुर्घटना की आशंका वाले स्थलों को चिह्नित कर तहसीलवार सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
15 दिन के भीतर लगेंगे चेन और फ्लोटिंग बैरियर
जिलाधिकारी ने सभी संवेदनशील एवं दुर्घटना बाहुल्य घाटों और स्थलों पर चेन बैरियर, फ्लोटिंग बैरियर अथवा अन्य उपयुक्त सुरक्षा अवरोध लगाने की कार्रवाई आगामी 15 दिनों के भीतर हर हाल में पूरी कराने का निर्देश दिया है। इसके लिए ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत और आपदा राहत कोष से नियमानुसार धनराशि खर्च की जा सकेगी।
घाटों पर तैनात होंगे गोताखोर, लगेंगे बड़े चेतावनी बोर्ड
प्रमुख और संवेदनशील घाटों पर पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित गोताखोरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। गोताखोरों के नाम, मोबाइल नंबर और उपलब्धता का तहसीलवार विवरण तैयार रखा जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल मदद मिल सके।
इसके अलावा दुर्घटना संभावित घाटों और तालाबों के किनारे बड़े और स्पष्ट लाल रंग के चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। इन बोर्डों पर “दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र” और “पानी में अधिक गहराई तक जाना पूर्णतः प्रतिबंधित है” जैसी चेतावनियां प्रमुखता से अंकित की जाएंगी।
मृतक परिवार को तीन दिन के भीतर मिलेगी आर्थिक सहायता
डूबने से होने वाली प्रत्येक जनहानि के मामले में मृतक के परिजनों को आपदा राहत कोष से मिलने वाली अनुमन्य आर्थिक सहायता और क्षतिपूर्ति की कार्रवाई घटना के तीन दिनों के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पात्र परिवारों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए।
त्योहारों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था
आगामी गंगा दशहरा, छठ पर्व और जीवित्पुत्रिका तीज जैसे पर्वों पर घाटों पर संभावित भीड़ को देखते हुए बैरियर, चेतावनी बोर्ड, गोताखोर, पुलिस बल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुरक्षा प्रबंध पहले से सुनिश्चित किए जाएंगे। संवेदनशील स्थानों पर 112 वाहनों की प्रभावी मूवमेंट और स्थानीय पुलिस व चौकी प्रभारियों की नियमित गश्त भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सिविल डिफेंस, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड और स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। लोगों को गहरे पानी में न जाने और बच्चों को अकेले नदी, तालाब या जलाशयों के पास न जाने देने के प्रति जागरूक किया जाएगा।
लापरवाही पर संबंधित एसडीएम की तय होगी जवाबदेही
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को संवेदनशील घाटों और जलाशयों का नियमित निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। यदि किसी तहसील में सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही या अव्यवस्था के कारण डूबने से जनहानि होती है, तो संबंधित उपजिलाधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर शिथिलता को गंभीरता से लिया जाएगा।
