गोरखपुर
गांव की मिट्टी से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचे शिवेंद्र यादव
तैराकी में जीता रजत पदक
42वीं सब-जूनियर नेशनल तैराकी प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर बढ़ाया गोरखपुर का मान
गोरखपुर। प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं होती। मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के दम पर सहजनवां क्षेत्र के छोटे से गांव कुचडेहरी के होनहार तैराक शिवेंद्र यादव ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार उपलब्धि हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। राजस्थान के जयपुर में 6 से 9 अगस्त तक आयोजित 42वीं सब-जूनियर नेशनल तैराकी प्रतियोगिता-2026 में उत्तर प्रदेश की ओर से प्रतिभाग करते हुए शिवेंद्र ने ग्रुप-2 बालक वर्ग में रजत पदक अपने नाम किया।
देशभर के तैराकों के बीच दिखाया दमखम
राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में देशभर से प्रतिभावान तैराकों ने हिस्सा लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच शिवेंद्र ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि को खेल के प्रति उनकी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का परिणाम माना जा रहा है।

कुचडेहरी से जयपुर तक का सफर
शिवेंद्र यादव विकासखंड सहजनवां की ग्राम पंचायत कुचडेहरी के निवासी हैं। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतने की खबर गांव पहुंचते ही क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने कहा कि जिस मिट्टी में शिवेंद्र ने तैराकी के अपने सपनों को आकार दिया, उसी गांव के इस होनहार खिलाड़ी ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराकर पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।
माता-पिता के संस्कार और प्रोत्साहन बना आधार
शिवेंद्र के पिता राम सिंह यादव कमांडो हैं, जबकि उनकी माता अध्यापिका हैं। परिवार के अनुशासन, संस्कार, मार्गदर्शन और निरंतर प्रोत्साहन ने शिवेंद्र के खेल सफर को मजबूती दी। माता-पिता के सहयोग और शिवेंद्र की कड़ी मेहनत का परिणाम है कि उन्होंने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल किया।
ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए बने प्रेरणा
शिवेंद्र की सफलता उन ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखती हैं। उन्होंने साबित किया है कि सफलता के लिए बड़े शहर से अधिक जरूरी लक्ष्य के प्रति समर्पण, मेहनत और आत्मविश्वास है।
गांव से क्षेत्र तक खुशी का माहौल
शिवेंद्र की उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। ग्रामीणों का कहना है कि यह रजत पदक उनके खेल सफर की शुरुआत है। आने वाले समय में शिवेंद्र देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी गोरखपुर और उत्तर प्रदेश का नाम रोशन करें, यही क्षेत्रवासियों की उम्मीद है।
